16वें वित्त की राशि का असमान आबंटन, जनपद सदस्यों में आक्रोश

 


धमतरी, 25 अगस्त (हि.स.)। जनपद पंचायत धमतरी में शासन से प्राप्त 16वें वित्त की राशि को जनपद सदस्यों को असमान आबंटन किया गया है। इसे लेकर जनपद पंचायत सदस्यों में आक्रोश है। राशि के आबंटन में असमानता एवं पारदर्शिता की कमी पर गंभीर आपत्ति जताई है।

जनपद पंचायत सदस्यों का कहना है कि जनपद पंचायत धमतरी को 16वें वित्त अंतर्गत प्राप्त राशि एवं उससे स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ सभी 25 जनपद सदस्यों के निर्वाचन क्षेत्रों में समान एवं न्यायसंगत रूप से नहीं मिल रहा है, इससे कई क्षेत्रों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

जनपद पंचायत धमतरी के जनपद सदस्य बृजेश जगताप, हरनारायण साहू, खिलेंद्र ध्रुव, प्रकाश पवार, भारती साहू, जयंत कुमार नेताम और योगेश मार्कण्डेय ने आरोप लगाते हुए कहा है कि 16वें वित्त के अंतर्गत प्राप्त राशि सार्वजनिक धन है और इसका उपयोग जनहित एवं क्षेत्र के समग्र विकास के लिए शासन के प्रचलित नियमों एवं निर्देशों के अनुसार पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी जनपद सदस्य अथवा उसके निर्वाचन क्षेत्र के साथ भेदभाव अथवा पक्षपात किए बिना सभी क्षेत्रों की आवश्यकताओं और विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए राशि एवं विकास कार्यों का न्यायोचित वितरण किया जाना आवश्यक है, लेकिन जनपद पंचायत धमतरी में राशि आबंटन व विकास कार्याें के स्वीकृति में भेदभाव किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। इस राशि का आबंटन व स्वीकृत कार्य सभी जनपद पंचायत सदस्यों को बराबर वितरण किया जाए, ताकि सभी सदस्यों के निर्वाचन क्षेत्रों में संतोषप्रद कार्य हो सके।

जनपद सदस्यों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमतरी को ज्ञापन सौंपकर 16वें वित्त के अंतर्गत प्राप्त कुल राशि और स्वीकृत विकास कार्यों को निर्वाचन क्षेत्रवार आबंटन करने की मांग की है। वहीं आबंटन की समीक्षा करने मांग की है। सभी 25 जनपद सदस्यों के क्षेत्रों में निष्पक्ष, समान, न्यायसंगत एवं पारदर्शी तरीके से राशि एवं विकास कार्यों का आबंटन सुनिश्चित करने की मांग की है। जनपद सदस्यों ने यह भी मांग की है कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम अथवा कोई राशि आबंटन नहीं की गई है, वहां की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उचित राशि एवं विकास कार्य स्वीकृत किया जाए। यदि आबंटन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा पक्षपात पाया जाता है तो इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा