सूरजपुर : 14-15 अगस्त को होगा उल्लास महा-चौपाल का आयोजन

 

सूरजपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में 14 और 15 अगस्त को ‘उल्लास महा-चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत होने वाले इन आयोजनों का उद्देश्य लोगों को साक्षरता से जोड़ना और जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाना है। आज रविवार को जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए।

शासन ने वर्ष 2026-27 में पूरे छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को साक्षरता के संदेश से जोड़ा गया है। कलेक्टर रेना जमील ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, स्रोत केंद्र समन्वयकों, साक्षरता परियोजना अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

अभियान की शुरुआत 1 से 14 अगस्त तक ग्राम पंचायतों में साक्षरता संबंधी नारा लेखन से होगी। 14 अगस्त की शाम 7 बजे सरपंच और ग्राम प्रभारियों के नेतृत्व में मोबाइल टॉर्च रैली एवं मशाल रैली निकाली जाएगी। इसमें ‘हर घर साक्षर, विकसित भारत’ जैसे नारे लगाए जाएंगे। मशाल की शुरुआत गांव के शिक्षित व्यक्ति से होगी और इसे नवसाक्षरों को सौंपा जाएगा।

15 अगस्त को सुबह 7 से 8 बजे तक विद्यार्थी, नवसाक्षर और स्वयंसेवक साक्षरता संदेश वाले प्ले कार्ड लेकर प्रभात फेरी निकालेंगे। सुबह 8 बजे ध्वजारोहण के बाद सामूहिक उल्लास शपथ दिलाई जाएगी।

इसके बाद उल्लास महा-चौपाल में नवसाक्षर अपने अनुभव साझा करेंगे। ‘दादी-नानी की कहानी’ प्रतियोगिता में बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष स्थानीय भाषा में लोकगीत, कहानी और कविताओं का वाचन करेंगे।

मातृत्व साक्षरता कार्यक्रम के तहत बच्चे अपनी माताओं को मंच पर लाकर उन्हें पहली बार नाम लिखना सिखाएंगे। सुबह 9 बजे ‘अंगूठे से कलम तक’ सम्मान समारोह, अंगूठा मुक्त पंचायत प्रमाण पत्र और प्रशस्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।

इसके बाद डिजिटल एवं चुनावी साक्षरता पर नुक्कड़ नाटक, साक्षरता थीम पर रंगोली और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह 10:30 बजे स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उल्लास घंटी, उल्लास दीवार और सुपर-30 का शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही उल्लास ज्ञान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

आयोजन स्थलों पर उल्लास हेल्प डेस्क लगाए जाएंगे। यहां असाक्षर लोगों और स्वयंसेवी शिक्षकों का उल्लास मोबाइल ऐप एवं पोर्टल पर मौके पर पंजीयन किया जाएगा। डिजिटल एवं साक्षरता सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। सुविधा के अनुसार खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।

दिवस के समापन पर शाम 7 बजे युवाओं, शिक्षकों, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा विद्यार्थियों की सहभागिता से कैंडल मार्च निकाला जाएगा।

जिला प्रशासन ने सामाजिक प्रमुखों, पंचायत प्रतिनिधियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और जिले के सभी वर्गों से अपील की है कि वे अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। साथ ही अपने क्षेत्र के असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें, ताकि जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय