धमतरी जिले के दो पटवारी निलंबित, 100 से अधिक को नोटिस
धमतरी, 02 नवंबर (हि.स.)। विभिन्न मांगों को लेकर 13 अक्टूबर से जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। धमतरी जिले में दो पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है, वहीं 100 से अधिक पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने धरना स्थल पहुंचकर पटवारियों के आंदोलन को समर्थन दिया।
प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत धमतरी जिले के लगभग 148 पटवारी राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले हड़ताल पर हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत नगरी एसडीएम और मगरलोड तहसीलदार ने दो पटवारियों को निलंबित किया है। नगरी एसडीएम ने हल्का पांवद्वार के पटवारी चिम्मन लाल ध्रुव को निलंबित किया है।
आदेश के अनुसार, समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जवाब नहीं मिलने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की गई। इसी तरह मगरलोड तहसीलदार ने मुख्यालय बेलोरा में पदस्थ पटवारी चैतन्य नेताम को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा कुरूद, नगरी, मगरलोड, भखारा और कुकरेल क्षेत्र के 100 से अधिक पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इधर, अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष चंदूलाल चंद्राकर के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर पटवारियों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। वहीं दो पटवारी वेदप्रकाश साहू और नागेश्वर साहू ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है।
राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष वासुदेव भोई ने कहा कि शासन-प्रशासन चाहे जितना दबाव बनाए, निलंबित करे या नोटिस जारी करे, पटवारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने पदोन्नति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्षों तक सेवा देने के बाद भी पटवारियों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिले के पटवारी बलदेव सिंह ठाकुर 37 वर्ष 7 माह की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन उन्हें पदोन्नति नहीं मिली। भोई के अनुसार, जिले में कुल 168 पटवारी कार्यरत हैं, जिनमें से 20 प्रशिक्षु पटवारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं, जबकि शेष पटवारी आंदोलन पर डटे हुए हैं। हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी कार्यों के साथ आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा