ट्रक चालक काे सड़क पर दिखा बाघ, मुनादी करवा रहा वन विभाग
दंतेवाड़ा, 09 अगस्त (हि.स.)। जिले के मासोड़ी में सड़क पर बाघ दिखाई देने के बाद वन विभाग ने उसकी लगातार निगरानी कर रही है। बीजापुर से दंतेवाड़ा की ओर आ रहे ट्रक चालक संतोष ने बीती रात के मासोड़ी के पास सड़क के बीचों-बीच बाघ को खड़ा देखा। अचानक ट्रक की हेडलाइट बाघ पर पड़ी तो चालक ने वाहन रोक दिया और उसकी तस्वीर भी ली। घटना के बाद संतोष ने इसकी सूचना गांव के लोगों के साथ वन विभाग को दी।
बाघ के सड़क पर दिखाई देने की घटना के बाद आज रविवार काे आस-पास के इलाके में वन विभाग की जांच में गांव के खेतों में बाघ के पंजों के निशान भी मिले। इससे वन विभाग को क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले हैं।
भोगाम निवासी ट्रक चालक संतोष के अनुसार वह शनिवार को बीजापुर से दंतेवाड़ा की तरफ आ रहा था। रात के समय मासोड़ी के पास अचानक उसकी गाड़ी की हेडलाइट सड़क पर खड़े बाघ पर पड़ी। सामने बाघ को देखकर संतोष ने तत्काल ट्रक रोक दिया। कुछ देर तक वह वाहन के अंदर ही रहा। इसके बाद उसने बाघ की तस्वीर ली और इसकी जानकारी आस-पास के ग्रामीणों और वन विभाग को दी। संतोष ने बताया कि रात के अंधेरे में अचानक बाघ सामने दिखाई देने से वह काफी डर गया था। बाघ के जंगल की ओर जाने के बाद ही उसने आगे बढ़ने का फैसला किया।
वन विभाग की टीम लगातार आस-पास के जंगल और खेतों में निगरानी कर रही है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इलाके में बड़े पैमाने पर ट्रैप कैमरे लगाए हैं। अलग-अलग स्थानों पर तत्काल 4 से ज्यादा ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से बाघ की आवाजाही, उसके मूवमेंट और उसके संभावित रास्तों की लगातार निगरानी की जा रही है। वन विभाग की कोशिश है कि बाघ को किसी तरह का खतरा या मानव-बाघ संघर्ष की स्थिति पैदा न हो। इसके लिए बाघ के जंगल की ओर लौटने के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया जा रहा है। विभाग उसके मूवमेंट पर नजर रखते हुए ऐसा कॉरिडोर तैयार करने में जुटा है, जिससे वह आबादी वाले इलाके से दूर रहकर आसानी से जंगल की तरफ लौट सके। बाघ की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम आस-पास के गांवों में मुनादी भी करवा रही है। ग्रामीणों से रात के समय अकेले जंगल या खेतों की तरफ नहीं जाने, बाघ दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे घेरने की कोशिश नहीं करने और तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की जा रही है।
बचेली के रेंजर डॉ. प्रीतेश पांडेय ने बताया कि बाघ की मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। अलग-अलग स्थानों पर 4 से अधिक ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। बाघ के मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए गांवों में मुनादी भी कराई जा रही है।विभाग का प्रयास है कि बाघ को सुरक्षित रास्ते से वापस जंगल की ओर ले जाया जाए और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे