मुरिया दरबार में आदिवासी जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की गई : दीपक बैज

 


जगदलपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आज जगदलपुर में लगने वाले मुरिया दरबार को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मुरिया दरबार बस्तर के आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण परंपरा है। मुरिया दरबार में सभी समाजों के मुखिया, जनप्रतिनिधि, पुजारी, गायता, सिरहा, बैगा समाज और गांवों से जुड़ी समस्याएं रखते हैं, परंपरा संरक्षण की बात करते हैं। इस बार के मुरिया दरबार में देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हो रही हैं, बस्तर की धरती पर उनका स्वागत है।

उन्हाेंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के तहत आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में बस्तर संभाग के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं करना, आयोजन संबंधी निमंत्रण पत्र में उनका नाम तक नहीं होना बेहद निंदनीय है। बैज ने कहा कि संभाग में कुल 12 विधायक, दो लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद हैं, मगर अफसोस कि इनका नाम निमंत्रण पत्र में नहीं दिया गया है। यहां तक कि उन्हें ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन में आमंत्रित करने की जरूरत तक नहीं समझी गई।

दीपक बैज ने कहा कि मुरिया दरबार न तो भाजपा का आयोजन है और न कांग्रेस का। यह खालिस आदिवासी समुदाय का कार्यक्रम है। बस्तर के सारे निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी आदिवासी समुदाय के हैं। उन्हें कार्यक्रम से दूर रखकर पूरे आदिवासी समाज का अपमान किया है। इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है या बस्तर दशहरा समिति, इसकी जांच होनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे