अंबिकापुर : पुश्तैनी जमीन पर कब्जे का आरोप, आदिवासियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर उठाई आवाज

 




अंबिकापुर, 17 मार्च (हि.स.)। सरगुजा जिले में पुश्तैनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर आदिवासी समाज का आक्रोश सामने आया है। भाजपा सरगुजा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नेतृत्व में लखनपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत नरकालो और चोड़ेया के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की।

मोर्चा के जिलाध्यक्ष बिंदेश्वरी लाल पैकरा ने आरोप लगाया कि भोले-भाले आदिवासियों की जमीन पर बाहरी लोगों द्वारा वर्षों से कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरकालो और चोड़ेया के निवासी विशेष पिछड़े अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं, जिनका जीवन पूरी तरह जल, जंगल और जमीन पर आधारित है। यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची में शामिल होने के कारण यहां आदिवासी भूमि संरक्षण के लिए विशेष संवैधानिक प्रावधान लागू हैं, बावजूद इसके कथित तौर पर बाहरी व्यक्तियों द्वारा जमीन पर मकान बनाकर स्थायी बसावट की जा रही है।

शिकायत में कई ग्रामीणों की जमीन पर कब्जे का जिक्र करते हुए कहा गया कि नरकालो निवासी बदलू की लगभग एक एकड़ भूमि, गिरीश की करीब 87 डिसमिल, बसंती की डेढ़ एकड़, घुरऊ की डेढ़ एकड़, वहीं चोड़ेया की शांति की तीन एकड़ और जेठू की चार एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का आरोप है।

मोर्चा के महामंत्री रविकांत उरांव ने कहा कि जब ग्रामीण इस कब्जे का विरोध करते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है और मारपीट की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि अशिक्षा और आर्थिक कमजोरी के कारण आदिवासी अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर उनका लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इन कब्जों के चलते कृषि भूमि घट रही है, आजीविका प्रभावित हो रही है और पारंपरिक सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों और मोर्चा पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस दौरान मोर्चा के उपाध्यक्ष डॉ. शिवमंगल सिंह, राजेंद्र पैकरा, तेजबल राम नागेश, जितेंद्र कुजूर, सुनील कुमार, संजय सिंह, अर्जुन मुंडा, कृष्ण कोरवा, अवधेश केरकेट्टा, उमेश किष्पोट्टा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह