दिल्ली से लौटे जनजातीय प्रतिनिधियों का अम्बिकापुर में पारंपरिक 'गोड़ धोनी' से आत्मीय अभिनंदन
अम्बिकापुर, 27 जून (हि.स.)। देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम में शामिल होकर लौटे प्रतिनिधियों का सरगुजा में भव्य स्वागत किया गया। शनिवार को जनजाति सुरक्षा मंच, सरगुजा द्वारा पटेलपारा स्थित उरांव सामाजिक भवन में इस गरिमामयी अभिनंदन एवं पारंपरिक 'गोड़ धोनी' (पैर धोने की प्रथा) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा और बाबा कार्तिक उरांव के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, जिससे पूरा परिसर जनजातीय स्वाभिमान के स्वरों से गूंज उठा।
इस अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेशराम भगत ने जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं को रेखांकित करते हुए कहा कि 'गोड़ धोनी' केवल एक प्रथा नहीं, बल्कि सम्मान, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने जनजातीय अधिकारों की रक्षा का आह्वान करते हुए स्पष्ट किया कि डीलिस्टिंग कानून पारित होने तक समाज का आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 29 अक्टूबर को बाबा कार्तिक उरांव की जयंती के अवसर पर अम्बिकापुर में एक विशाल 'डीलिस्टिंग गर्जना महारैली' आयोजित की जाएगी। उन्होंने समाज से संत गहिरा गुरु, भगवान बिरसा मुंडा और बाबा कार्तिक उरांव के दिखाए मार्ग पर चलने की अपील की और कहा कि धर्म परिवर्तन कर चुके लोगों को जनजातीय आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक वे जीवित हैं, जनजातीय हितों के विरुद्ध कोई निर्णय नहीं होने देंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांत सह संयोजक इन्दर भगत ने दिल्ली के आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लाल किला मैदान का समागम जनजातीय एकता, संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण का एक सशक्त मंच साबित हुआ। इस समागम में देशभर के 550 से अधिक जनजातीय समुदायों के 3 लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें सरगुजा के हजारों प्रतिनिधियों ने भी शामिल होकर वनांचल संस्कृति का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित यह पारंपरिक कार्यक्रम हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
इस भव्य आयोजन का सफल मंच संचालन जिला संयोजक बिहारीलाल उरांव द्वारा किया गया, जबकि जिला सह संयोजक रज्जू राम ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रांत संरक्षक डॉ. आजाद भगत, प्रांत संयोजक रोशन प्रताप सिंह, सह संयोजक लालदेव भगत, मानेश्वर भगत सहित राईज बैगा मानकेश्वर भगत, जगरनाथ बैगा, दिलीप एक्का, देवनारायण भगत और बड़ी संख्या में महिला विंग से बालमुनि प्रधान, सिलो भगत, सिमारो तिग्गा तथा जनजाति सुरक्षा मंच के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह