अकलतरा में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रशिक्षण, प्लास्टिक मुक्त गांवों पर जोर

 


जांजगीर-चांपा, 16 जून (हि. स.)। जिले में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत जांजगीर-चांपा द्वारा प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जनपद पंचायत अकलतरा के सभा कक्ष में सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, कचरा पृथक्करण, संग्रहण और वैज्ञानिक निपटान की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर स्तर पर गीला, सूखा, सेनेटरी तथा अन्य विशेष कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही प्लास्टिक कचरे के उपयोग को कम करने, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) को बढ़ावा देने और स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल ग्रामों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। प्लास्टिक कचरा नालियों और जल स्रोतों को अवरुद्ध करता है, पशुओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है और मिट्टी की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है। इसके अलावा प्लास्टिक के खुले में जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

प्रशिक्षण में यह भी जानकारी दी गई कि प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, विक्रय अथवा उपयोग पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार आर्थिक दंड और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनपद पंचायत अकलतरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि यदि कचरे का पृथक्करण स्रोत स्तर पर ही किया जाए तो उसके संग्रहण, परिवहन और निपटान की प्रक्रिया अधिक सरल, व्यवस्थित और प्रभावी बन सकती है। उन्होंने सभी सरपंचों और पंचायत सचिवों से अपने-अपने क्षेत्रों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे गांवों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT