बकावंड ब्लॉक में राशि स्वीकृत होने के बावजूद नहीं बने शौचालय

 


जगदलपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक में बच्चों के लिए वर्ष 2025 में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में नवीन शौचालय निर्माण के लिए राशि स्वीकृत होने के बावजूद कई स्कूलों में निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं होने, अधूरा रहने अथवा मौके पर शौचालय नहीं होने के दावे किए जा रहे हैं। लखेश्वर कश्यप का आरोप है कि कहीं 40 प्रतिशत की पहली किस्त निकल गई, लेकिन निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी, तो कहीं पूरी राशि आहरित किए जाने के बावजूद स्कूल परिसर में शौचालय का कोई अता-पता नहीं है।

लखेश्वर कश्यप का कहना है कि यदि विभागीय पोर्टल पर कार्य पूर्ण दर्शाया गया है और मौके पर निर्माण दिखाई नहीं देता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्चों के लिए स्वीकृत पैसा आखिर गया कहां? यदि राशि जारी हुई, तो निर्माण क्यों नहीं हुआ? यदि निर्माण हुआ तो उसका भौतिक सत्यापन किसने किया? और यदि काम पूरा दिखाया गया है तो स्कूलों में उसका वास्तविक ढांचा क्यों नजर नहीं आ रहा? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बच्चों के लिए आया पैसा कागजों में तो दिखाई दे रहा है, लेकिन स्कूलों में शौचालय क्यों नहीं दिखाई दे रहे? यदि आरोप गलत हैं तो विभाग को दस्तावेज और मौके की तस्वीर सामने रखकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय करनी होगी।

लखेश्वर कश्यप ने बकावंड ब्लॉक के सभी स्कूलों में शौचालय निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्माण के लिए स्वीकृत राशि और उसके आहरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए तथा यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषी अधिकारियों, सचिवों और संबंधित ठेकेदारों से राशि की वसूली की जावे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे