सोशल मीडिया पर छाया कयाकिंग का रोमांच, सैलानियों से गुलजार हुआ रुद्री डेम
धमतरी, 22 अगस्त (हि.स.)। बारिश के बाद चारों ओर फैली हरियाली, रुद्री बांध की विशाल जलराशि और खुशनुमा मौसम इन दिनों सैलानियों को खूब आकर्षित कर रहा है। शनिवार के सरकारी अवकाश के चलते बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ रुद्री और गंगरेल क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। रुद्री बांध परिसर में शुरू हुई कयाकिंग अकादमी पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बन गई है।
कयाकिंग करते पर्यटकों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी खूब छा रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने रुद्री बांध परिसर में कयाकिंग अकादमी का शुभारंभ किया था। गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ एवं कर्मा महिला स्व-सहायता समूह रुद्री के सहयोग से शुरू हुई यह पहल जिले में साहसिक पर्यटन और जल क्रीड़ा को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। रुद्री बांध पहुंच रहे स्थानीय लोगों और आसपास के जिलों के पर्यटक कयाक में बैठकर चप्पू चलाते हुए जलराशि के बीच रोमांच का अनुभव ले रहे हैं। शांत पानी, चारों ओर फैली हरियाली और बांध का मनोरम दृश्य पर्यटकों के अनुभव को और खास बना रहा है। परिवार के साथ पहुंचे लोग प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता रहे हैं, वहीं युवा साहसिक जल खेल का आनंद ले रहे हैं।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित पर्यटन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कयाकिंग सहित सभी जल आधारित साहसिक गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने, आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने, प्रशिक्षित संचालकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने और पर्यटकों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग और पहुंच मार्ग जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि रुद्री और गंगरेल धमतरी की महत्वपूर्ण पर्यटन पहचान हैं और यहां आने वाले प्रत्येक पर्यटक को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद अनुभव मिलना चाहिए। उन्होंने स्थानीय युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया।
कयाकिंग अकादमी मनोरंजन के साथ स्थानीय युवाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ा रही है। महिला स्व-सहायता समूह की भागीदारी से पर्यटन गतिविधियों में महिलाओं की भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है। रुद्री और गंगरेल क्षेत्र में पहले से मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य और जल पर्यटन के साथ अब कयाकिंग जैसी साहसिक गतिविधि जुड़ने से पर्यटकों का आकर्षण और बढ़ गया है। आने वाले समय में साहसिक खेल और जल पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के विस्तार से रुद्री और गंगरेल को धमतरी के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा