नारायणपुर के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले 151 परिवारों काे दिया गया तीन महीने का राशन

 


नारायणपुर, 10 जुलाई (हि.स.)। जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले 6 गांवों मुरुमवाड़ा के 98, गुडेकोर के 13, दिवालूर के 32, धोबे के 3, बोटेर के 2 और हरबेल के 3 राशन कार्डधारी 151 परिवारों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट जाता है। ऐसे में जिला प्रशासन ने आज शुक्रवार काे 151 परिवारों के लिए 3 महीने का राशन पहले ही हितग्राहियों को दे दिया है। प्रशासन का दावा है कि बारिश में इन्हें राशन के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा।

जिला प्रशासन का कहना है कि जिले के अंतिम छोर पर बसे पात्र परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभसमय पर पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था के माध्यम से राशन पहुंचाने की कार्ययोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। इन गांवों तक पहुंचना सामान्य दिनों में भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कच्चे रास्ते, घने जंगल, नदी-नाले और लंबी दूरी के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित रहती है। वहीं बारिश के मौसम में हालात और कठिन हो जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को राशन लेने के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था। वहीं प्रशासन ने गांव तक सीधे ट्रैक्टर से राशन पहुंचाया है। जिससे ग्रामीणों को अपने गांव में ही राशन उपलब्ध हो गया। इससे न केवल समय और श्रम की बचत हुई, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को भी बड़ी राहत मिली।

कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल गांवों में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे