खाद वितरण में फर्जीवाड़े का आरोप, किसानों के नाम पर दर्ज कर दी गई 3217 बोरी खाद

 


पॉश मशीन में अंगूठा लगवाकर तैयार की गई इलेक्ट्रॉनिक प्रविष्टियां, खाद नहीं मिलने की शिकायत के बाद तीन गिरफ्तार

बलरामपुर, 15 अगस्त (हि.स.)। बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र के ग्राम कुन्दीकला में किसानों को खाद वितरण के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्रामीण महिला किसानों के नाम पर पॉश मशीन में अंगूठे के निशान लेकर खाद वितरण की इलेक्ट्रॉनिक प्रविष्टियां तो दर्ज कर दी गईं, लेकिन संबंधित किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायत और जांच के बाद पुलिस ने मामले में तीन आरोपितों को आज गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विनोद कुमार सांडिल्य और दीपक कुमार सांडिल्य द्वारा ग्रामीण महिलाओं से खाद वितरण के नाम पर पॉश मशीन में अंगूठा लगवाया गया। इसके बाद उनके नाम पर खाद दिए जाने की इलेक्ट्रॉनिक एंट्री की गई। हालांकि, किसानों का आरोप है कि उन्हें वास्तविक रूप से खाद नहीं मिली।

पुलिस जांच के अनुसार अलग-अलग ग्रामीण महिला किसानों के नाम पर पॉश मशीन में कुल 3217 बोरी खाद से संबंधित प्रविष्टियां दर्ज की गईं। इनमें 2647 बोरी यूरिया और 570 बोरी डीएपी शामिल हैं।

दर्ज इलेक्ट्रॉनिक प्रविष्टियों के आधार पर यूरिया की अनुमानित कीमत 7,05,425.50 रुपये और डीएपी की राशि 7,69,500 रुपये बताई गई है। दोनों को मिलाकर करीब 14.75 लाख रुपये की खाद से संबंधित प्रविष्टियां सामने आई हैं।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने इसकी जांच कराई। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर की ओर से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर राजपुर थाने में अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 177/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।

मामले की जांच के दौरान पुलिस को कथित खाद वितरण फर्जीवाड़े में एक और व्यक्ति की भूमिका सामने आई। जांच के आधार पर विकास कुमार अग्रवाल को भी मामले में आरोपित बनाया गया।

पुलिस ने आज विनोद कुमार सांडिल्य उम्र 28 वर्ष, दीपक कुमार सांडिल्य उम्र 32 वर्ष, दोनों निवासी कुन्दीकला तथा विकास कुमार अग्रवाल उम्र 40 वर्ष, निवासी राजपुर को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपिताें को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की गई। पुलिस अब खाद वितरण से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय