रेलवे मलबे से लोहे की चोरी जारी, तीसरे दिन भी नहीं थमा सिलसिला
धमतरी, 08 अप्रैल (हि.स.)। धमतरी रेलवे स्टेशन के सामने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद ढहाई गई दुकानों के मलबे से लोहे और अन्य सामान की चोरी का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन और सुरक्षा की अनुपस्थिति में लोगों ने मौके का फायदा उठाते हुए रातों-रात लाखों रुपये के छड़, पाइप और अन्य लोहे के सामान निकाल लिए।
बताया गया कि 6 अप्रैल को रेलवे द्वारा स्टेशन के सामने अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया था। सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई दोपहर तक पूरी कर ली गई। जैसे ही कार्रवाई टीम मौके से हटी, वैसे ही आसपास के लोग धीरे-धीरे वहां जमा होने लगे। पहले छोटे-मोटे लोहे के टुकड़े बीनने का काम शुरू हुआ, जो देखते ही देखते बड़े पैमाने पर चोरी में बदल गया।
मंगलवार की रात से ही बड़ी संख्या में लोग मलबे से छड़, लोहे की चादर और पाइप निकालते नजर आए। कई लोग हथौड़ा और घन लेकर पहुंचे और सीमेंट व ईंट की जोड़ाई को तोड़कर अंदर फंसे लोहे को निकालते रहे। इतना ही नहीं, कुछ लोग किराये पर जेसीबी मशीन लेकर आए और पक्के पिल्लरों को तोड़कर उनमें लगे सरियों को भी निकाल लिया। बुधवार को भी दिनभर यही स्थिति बनी रही। बिना किसी रोक-टोक के लोग मलबे से उपयोगी सामान निकालते रहे। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था न होने से स्थिति और बिगड़ गई।
प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है—पहले उनकी वर्षों पुरानी दुकानें ढहा दी गईं और अब बचा-खुचा सामान भी चोरी हो रहा है। दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने चोरी का विरोध किया तो कुछ लोग मारपीट पर उतारू हो गए और धमकी देने लगे। इससे उनमें भय का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि दुकान खाली करने के लिए 10 व्यापारियों को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है, जिनमें से कुछ ने अपना सामान हटाना शुरू कर दिया है। हालांकि, मलबे से हो रही इस खुलेआम चोरी पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा