नगर निगम ने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार को जारी किया नोटिस

 


धमतरी, 13 जनवरी (हि.स.)। शहर की आगामी 30 वर्षों की पेयजल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2018 में शासन द्वारा लगभग 34 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से आधुनिक वॉटर फ़िल्टर ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य आदेश 15 नवंबर 2019 को मेसर्स रायपुर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को जारी किया गया था। अनुबंध की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को 31 दिसंबर 2023 तक निर्माण कार्य पूर्ण कर प्लांट नगर निगम को हैंडओवर करना था।

निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और लगातार देरी को देखते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। निगम प्रशासन ने परियोजना में लापरवाही और समयसीमा के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया है।

प्रभारी कार्यपालन अभियंता महेंद्र जगत ने बताया कि शहरवासियों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में देरी से भविष्य में जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, साथ ही शासन द्वारा स्वीकृत बड़ी राशि भी जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन और लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने नोटिस के माध्यम से ठेकेदार को निर्देशित किया है कि वह शीघ्र संशोधित समयसीमा प्रस्तुत करते हुए कार्य में संतोषजनक प्रगति सुनिश्चित करे। अन्यथा नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का यह कदम शहर में सुदृढ़ और बेहतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा