एमसीबी: स्वच्छता और रोजगार का संगम, छत्तीसगढ़ में पहली बार शुरू हुआ ‘जोश’ अभियान

 




मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 9 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में संस्थागत स्वच्छता को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभिनव पहल करते हुए राज्य की पहली ‘जोश’ योजना का शुभारंभ सोमवार 5 जनवरी 2026 को खड़गवां जनपद ग्राउंड से किया गया है। आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

‘जोश’ पहल के तहत स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य संस्थागत और सामुदायिक शौचालयों की नियमित, वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इस योजना की खास बात यह है कि इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्वच्छता और आजीविका दोनों को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।

प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम भी है। ‘जोश’ अभियान के माध्यम से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनेंगे। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद से एक-एक स्वच्छता प्रहरी की नियुक्ति की गई है, जिसे आगे योजना की सफलता के आधार पर पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा।

स्वच्छता प्रहरी निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे और आधुनिक उपकरणों की सहायता से शौचालयों की पाक्षिक एवं मासिक सफाई करेंगे। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता प्रहरियों को आधुनिक सफाई उपकरणों से युक्त स्वच्छता किट और आवश्यक सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था प्रभारी के अनुरोध पर सफाई कार्य के बाद प्रति यूनिट 200 रुपये स्वच्छता शुल्क का भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा।

प्रारंभिक चरण में मनेंद्रगढ़, खड़गवां और भरतपुर जनपद से तीन युवाओं का चयन किया गया है। ‘जोश’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित जनपद पंचायतों के साथ अंतर-विभागीय अनुबंध भी किया गया है। यह पहल छत्तीसगढ़ में संस्थागत स्वच्छता के क्षेत्र में न केवल नई दिशा तय करेगी, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ समाज के साथ-साथ रोजगार सृजन का मजबूत आधार भी बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह