अंतागढ़ को जिला बनाने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आज 10वां दिन भी जारी रहा

 


कांकेर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर जिला निर्माण समिति अंतागढ़ के तत्वावधान में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज गुरूवार काे 10वें दिन भी जारी है। वीर नारायण सिंह चौक स्थित धरना स्थल पर क्षेत्रीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी बनी हुई है।

अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासी पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से आंदोलन और संघर्ष करते आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अंतागढ़ की भौगोलिक स्थिति और क्षेत्र से शासन को मिलने वाले राजस्व को देखते हुए इसे पृथक जिला बनाया जाना चाहिए। अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है, और क्षेत्र के लोग इस मांग को लेकर एकजुट होते नजर आ रहे हैं।

जिला निर्माण समिति अंतागढ़ के नेतृत्व में 05 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग एक दशक से भी अधिक समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो पाई है। इसी मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है और अंतागढ़ को जिला घोषित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। धरना प्रदर्शन के दसवें दिन भी आंदोलनकारियों का उत्साह बना हुआ है।

आंदोलन का उद्देश्य अंतागढ़ को अलग जिला बनाने की मांग को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाना है। समिति के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है। अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर जारी आंदोलन दसवें दिन भी जारी है। आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा और रावघाट क्षेत्र से मिल रहे समर्थन के बीच आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर शासन जल्द गंभीरता से विचार करेगा और अंतागढ़ को जिला बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।

जिला निर्माण समिति अंतागढ़ के रमेश बघेल ने बताया कि हमारी मांग यही है कि अंतागढ़ को जिला बनाया जाए, हमारा क्षेत्र माइनिंग से भरा हुआ है। ऐसे में अंतागढ़ जिला बनेगा तो रोजगार और विकास काे गति मिलेगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस दिशा में जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए, स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

स्थानीय युवा अखिलेश गावड़े ने बताया कि हम लोग बेरोजगार युवा हैं, गांव-देहात में कुछ रोजगार नहीं है। अंतागढ़ जिला बनेगा तो रोजगार के मौके मिलेंगे। उन्हाेने बताया कि आंदोलन को गति देने में स्थानीय युवाओं की भी अहम भूमिका रही है। युवाओं ने पिछले कुछ महीनों के दौरान अंतागढ़ क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों और साप्ताहिक बाजारों में हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अभियान के जरिए लोगों से जिला बनाने की मांग के समर्थन में हस्ताक्षर कराए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे