आदिम शब्द हमारी पहचान, नाम बदलना अपमान : मनोज साक्षी
आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलने के विरोध में आदिवासी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
धमतरी, 16 अक्टूबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मंत्रिपरिषद में आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किए जाने के निर्णय का आदिवासी कांग्रेस जिला धमतरी ने विरोध किया है। इस संबंध में आज शुक्रवार को जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी के नेतृत्व में आदिवासी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से विभाग का नाम पूर्ववत आदिम जाति विकास विभाग रखने की मांग की गई। आदिवासी कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य राज्य है और आदिम जाति विकास विभाग का नाम आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक अस्मिता और गौरव से जुड़ा हुआ है। संगठन का कहना है कि ‘आदिम’ शब्द आदिवासियों को इस धरती का मूल निवासी और प्रथम नागरिक होने का बोध कराता है। ऐसे में विभाग के नाम में बदलाव से समाज के एक वर्ग में अपनी मूल पहचान प्रभावित होने की भावना उत्पन्न हुई है।
संगठन ने यह भी कहा कि नाम परिवर्तन का निर्णय लेने से पहले आदिवासी समाज, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से चर्चा की जानी चाहिए थी। आदिवासी कांग्रेस ने समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए विभाग का नाम पूर्ववत रखने की मांग की। जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। शासन को नाम परिवर्तन के निर्णय पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेना चाहिए। इस दौरान पूर्व विधायक लेखराम साहू, शरद लोहाना, मोहन लालवानी, दीपक सोनकर, विजय देवांगन, राजू सोम, नेकू परते, लोकेश मरकाम, हर्ष मरकाम, विवेक कतलाम, रोशन वट्टी, दुर्गेश मंडावी, लक्ष्मण मरकाम, भूषण नेताम और नरेश कतलाम सहित आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा