सहायक शिक्षकों की चार सूत्री मांगों को लेकर गांधी मैदान में गरजे शिक्षक

 




धमतरी, 17 जनवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर शनिवार को प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय आंदोलन किया गया। इसी कड़ी में धमतरी जिले में भी गांधी मैदान में जिलाध्यक्ष दौलत राम ध्रुव के नेतृत्व में जिलेभर के सहायक एवं समग्र शिक्षकों ने एकजुट होकर चार सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल की।

आंदोलनरत शिक्षकों ने मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति तत्काल दूर करने, समस्त शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए एलबी संवर्ग के शिक्षकों को समस्त लाभ देने, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने तथा शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के लिए स्वयं के मोबाइल में वीएसके की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की।

जिलाध्यक्ष दौलत राम ध्रुव ने कहा कि सहायक शिक्षक विगत कई वर्षों से वेतन विसंगति की मार झेल रहे हैं, जिससे प्रति माह 10 हजार रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हो रहा है। पूर्ववर्ती सरकार ने विसंगति को स्वीकार किया था, लेकिन समाधान नहीं हुआ। वर्तमान सरकार ने भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा किया था, पर दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं हुई। सरकार को अपना वादा निभाना चाहिए। प्रांतीय संगठन मंत्री राजेन्द्र वर्मा ने कहा कि सरकार का नारा है—“हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे”, ऐसे में वेतन विसंगति उनकी ही देन है, जिसे दूर कर मोदी की गारंटी पूरी की जानी चाहिए। प्रांतीय प्रवक्ता हुलेश चन्द्राकर ने कहा कि वेतन विसंगति दूर करने और क्रमोन्नत वेतनमान देने का वादा कर सरकार सत्ता में आई है, अब उसे पूरा करना चाहिए।

ब्लॉक अध्यक्ष तुकेश साहू और टेमन साहू ने कहा कि वर्षों से वेतन विसंगति से शिक्षक जूझ रहे हैं, इसे तत्काल समाप्त कर प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ दिया जाए। ब्लॉक अध्यक्ष तेजलाल साहू और ममता प्रजापति ने कहा कि टी.ई.टी. की अनिवार्यता से लाखों शिक्षकों की सेवा संकट में है, इसे समाप्त करने के लिए राज्य सरकार आवश्यक पहल करे। साथ ही ऑनलाइन उपस्थिति के लिए वी.एस.के. की अनिवार्यता भी खत्म की जाए। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मांगें पूरी नहीं की गईं तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आंदोलन में जिला, ब्लॉक, महिला प्रकोष्ठ, संगठन मंत्री, मीडिया प्रभारी, प्रवक्ता एवं कार्यकारिणी सदस्यों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।

इस अवसर पर राजकुमार क्षत्रिय, भूपेश साहू, मनीष गौतम, शैलेन्द्र साहू, पीयूष साहू, खेमचंद देशलहरे, भुनेश्वर साहू और टीकम सिंह ध्रुव, गौतम पोटाई, गजानंद सोन, नवीन मार्कण्डेय, भेषज साहू, केशव यादव, दुष्यंत सिन्हा, हुलेश चन्द्राकर, परमेश्वर साहू, रुपेश सिन्हा, कैलाश साहू, रामेश्वर साहू, संजय सोनवानी, दुष्यंत कश्यप और यशवंत साहू, महिला प्रकोष्ठ में ममता साहू, भारती शेन्द्रे, गणेशिया ध्रुव, सुनीता सिन्हा, शिवानी रावत और मुकेश्वरी चंद्रवंशी, अभिषेक सिंह, डोषन साहू, चंद्रहास सिन्हा, प्रकाशचंद कुंजाम, देवेन्द्र नागवंशी, दीपक फरीकार, अभिषेक कंवर, संतोष मण्डावी, तुकलेश साहू, सूरज कंवर, प्रकाश निषाद और सियाराम निषाद सहित अन्य मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा