शंकरगढ़ में टीबी की जांच और उपचार अभियान तेज

 


घर-घर पहुंचाई जा रही दवाएं, मरीजों के नियमित उपचार पर निगरानी; लक्षण दिखने पर जांच की अपील

बलरामपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आकांक्षी विकासखंड शंकरगढ़ में टीबी की पहचान, उपचार और जागरूकता को लेकर अभियान तेज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गुरुवार काे शंकरगढ़ में चिन्हांकित मरीजों तक घर-घर पहुंचकर दवाएं उपलब्ध कराई गई।

अभियान के तहत मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ संतुलित पोषण और संक्रमण से बचाव के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर है कि मरीज बीच में दवा लेना बंद न करें और निर्धारित अवधि तक पूरा उपचार लें।

विकासखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता रैली और जनसंपर्क गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। इनके माध्यम से लोगों को टीबी के प्रमुख लक्षण, समय पर जांच कराने और पूरा इलाज लेने के महत्व की जानकारी दी जा रही है। बीमारी को लेकर समाज में मौजूद भ्रांतियों और झिझक को दूर करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि लक्षण नजर आने पर लोग बिना संकोच जांच करा सकें।

अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी जा रही है। समय पर बीमारी की पहचान होने से उपचार शुरू करना आसान होता है और संक्रमण को फैलने से रोकने में भी मदद मिलती है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों और मैदानी अमले को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य शंकरगढ़ क्षेत्र में टीबी की जांच और उपचार की पहुंच को मजबूत करना है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ स्थानीय प्रशासन, मैदानी कार्यकर्ताओं और समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय