एमसीबी : ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ का ऐतिहासिक आगाज़, 100 दिन में गांव-गांव पहुंचेगी हाईटेक जांच
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 25 मार्च (हि.स.)। विश्व क्षय दिवस के मौके पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से “टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसने प्रदेश में एक ऐतिहासिक शुरुआत दर्ज की। राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नोएडा से वर्चुअल माध्यम से की, वहीं छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय लॉन्च एमसीबी जिले से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि देश टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह अभियान उसी संकल्प को मजबूत करेगा।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “टीबी मुक्त भारत” का सपना तेजी से साकार हो रहा है और इसमें जनभागीदारी की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने जानकारी दी कि 7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 तक चले अभियान में 4113 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है, जबकि एमसीबी जिले की 118 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया गया।
अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब स्वास्थ्य सेवाएं सीधे गांव-गांव तक पहुंचेंगी। आयुष्मान स्वास्थ्य शिविरों में लोगों की जांच की जाएगी, जहां रक्त जांच के साथ हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन से मौके पर ही छाती का एक्स-रे किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से मात्र 5 से 10 मिनट में रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे शुरुआती स्तर पर ही टीबी की पहचान आसान होगी और इलाज तुरंत शुरू किया जा सकेगा।
जिले में फिलहाल 203 टीबी मरीज उपचाररत हैं, जिनमें 7 एमडीआर और 4 संक्रमण के गंभीर मरीज शामिल हैं। सभी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 1000 रुपये प्रतिमाह (6 माह तक) और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 200 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। वर्ष 2025-26 में 205 निक्षय मित्रों ने 283 मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण का जिम्मा उठाया है। जिले में 3 ट्रू-नेट मशीन, 5 सामान्य एक्स-रे मशीन और 1 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिए जांच कार्य लगातार जारी है।
अभियान को चार चरणों में संचालित किया जाएगा, जिसमें घर-घर सर्वे से संभावित मरीजों की पहचान से लेकर हाई रिस्क और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान शामिल है। कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो 100 दिनों तक जिलेभर में घूमकर लोगों को जागरूक करेगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम जनता ने एक स्वर में संकल्प लिया “हम सब ने ठाना है, छत्तीसगढ़ से टीबी को भगाना है, टीबी हारेगा, देश जीतेगा।”
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह