राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 10 अगस्त को तीन लाख 13 हजार बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य

 


जगदलपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण स्तर में सुधार, एनीमिया की रोकथाम और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बस्तर जिले में आगामी 10 अगस्त को 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस' का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष स्वास्थ्य अभियान के तहत जिले के 3 लाख 13 हजार 426 बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि नाशक दवा 'एल्बेंडाजोल 400 एमजी' की खुराक खिलाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने रविवार काे बताया कि 10 अगस्त को दवा सेवन से छूट गए बच्चों के लिए 17 अगस्त को 'मॉप-अप दिवस' आयोजित किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे।

सीएमएचओ डॉ संजय बसाक ने बताया कि इस अभियान के दौरान बच्चों की उम्र के हिसाब से दवा की खुराक और उसके सेवन का तरीका तय किया गया है। इसके तहत 1 से 2 वर्ष तक के छोटे बच्चों को आधी गोली (200 एमजी) साफ पानी में पीसकर या घोलकर पिलाई जाएगी, जबकि 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को 1 पूरी गोली (400 एमजी) चबा-चबाकर खानी होगी। इस दवा का वितरण जिले के समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों, शासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं, केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों, मदरसों, निजी स्कूलों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और नर्सरी स्कूलों में किया जाएगा।

इस अभियान को जमीनीस्तर पर सफल बनाने के लिए विगत दिवस स्वास्थ्य विभाग सहित स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और संबंधित अन्य विभागों की बैठक आयोजित कर व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों में नोडल शिक्षकों के माध्यम से दवा का सेवन कराया जाएगा, वहीं बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों तक सुरक्षित लाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मितानिन दीदियों को सौंपी गई है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलास्तर से सभी आवश्यक सामग्रियों का वितरण ब्लॉकों और सेक्टरों में पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही, अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए स्कूल रैलियों, पोस्टर-पाम्पलेट, दीवार लेखन और ध्वनि विस्तारक यंत्र से उद्घोषणा के अलावा मुनादी करने सहित रेडियो, समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों से अपील की गई है कि वे 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को इस अभियान में शामिल कर दवा का सेवन अवश्य कराएं और उनके उज्ज्वल व निरोगी भविष्य की नींव रखें।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे