बिना खनन के 2.75 लाख टन लौह अयस्क का परिवहन करने वालाें पर करें कार्रवाई : मनीष कुंजाम

 


जगदलपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने बैलाडीला क्षेत्र में संचालित लौह अयस्क खनन को लेकर निजी कंपनी और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस प्रस्तावित खदान नंबर-4 में अब तक वास्तविक रूप से खनन शुरू भी नहीं हुआ, वहां सरकारी अभिलेखों में करीब 2.75 लाख टन लौह अयस्क के उत्खनन और परिवहन का उल्लेख किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने व्यापक जनआंदोलन की चेतावनी दी है।

पत्रकारवार्ता में आज गुरूवार काे मनीष कुंजाम ने कहा कि बैलाडीला की प्रस्तावित खदान प्रस्तावित खदान नंबर-4 का मुद्दा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पेसा कानून के तहत प्रभावित ग्राम सभाओं और पंचायतों की सहमति लिए बिना परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय ग्रामीणों और ग्राम सभाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है, जो कानून की भावना के विपरीत है। उन्हाेने कहा कि खनन रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों को पहले भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

उन्होंने बोधघाट परियोजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस परियोजना को लेकर प्रदेश में राजनीतिक दलों के अलग-अलग रुख रहे हैं। उनका कहना था कि परियोजना से आदिवासी संस्कृति और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही दंतेवाड़ा क्षेत्र में लाल मिट्टी के डंप और पर्यावरणीय प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे