अंबिकापुर : सुखराम को मिला एक रुपये किलो वाला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी मुस्कान
अंबिकापुर, 24 मई (हि.स.)। राज्य शासन द्वारा मनाए जा रहे ’सुशासन तिहार’ का सीधा और सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। सरकार की पारदर्शी और जनहितैषी नीतियों के चलते अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से पहुँच रहा है। इसका एक जीता-जागता उदाहरण वंदना घुटरापारा के निवासी सुखराम हैं, जिनके जीवन में इस अभियान ने एक बड़ी आर्थिक राहत प्रदान की है और उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है।
अंबिकापुर के वंदना घुटरापारा निवासी हितग्राही सुखराम ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि पूर्व में उन्हें राशन सामग्री में चावल प्राप्त करने के लिए 10 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण यह मामूली सी दिखने वाली रकम भी उनके सीमित बजट के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बनती थी। लेकिन राज्य शासन के ’सुशासन तिहार’ अभियान के तहत जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और खाद्य सुरक्षा योजनाओं के विस्तार से उनकी यह वर्षों पुरानी समस्या अब हमेशा के लिए दूर हो गई है। शिविर के दौरान प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सुखराम को अब 1 रुपये किलो वाला नया राशन कार्ड प्रदान कर दिया गया है।
नया राशन कार्ड हाथ में पाकर सुखराम के चेहरे पर खुशी दोगुनी हो गई। शासन की इस त्वरित और संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा कि पहले राशन कार्ड से चावल लेने के लिए 10 रुपये देने पड़ते थे, जो उनके लिए मुश्किल था। लेकिन अब ’सुशासन तिहार’ के मंच पर उन्हें 1 रुपये किलो वाला नया राशन कार्ड मिल गया है, जिससे उनके परिवार को बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिली है। सुखराम ने संकट के समय मिली इस बड़ी मदद के लिए शासन और जिला प्रशासन का सहृदय धन्यवाद ज्ञापित किया है।
वास्तव में, ’सुशासन तिहार’ जरूरतमंदों को उनका हक और खाद्य सुरक्षा प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन का यह निरंतर प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र हितग्राही शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से वंचित न रहे और समाज के अंतिम छोर पर बैठे हर वर्ग को विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह