कोरबा में धान खरीद व्यवस्था का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर सख्त कार्रवाई
कोरबा, 14 जनवरी (हि. स.)। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीद व्यवस्था की हकीकत जानने आज बुधवार को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कोरबा और करतला विकासखंड के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान की खरीद केवल वास्तविक किसानों से ही की जाए और शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने भैंसमा, तिलकेजा एवं चिकनीपाली उपार्जन केंद्रों में चल रही खरीदी प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने समिति प्रबंधक और फड़ प्रभारियों से अब तक हुई धान खरीदी, पंजीकृत किसानों की संख्या, टोकन वितरण, धान उठाव और बारदाना उपलब्धता की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर धान की नमी जांच, वजन और भौतिक सत्यापन भी कराया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों में आने वाले धान को अनिवार्य रूप से पलटी कराकर ढेरी लगाई जाए तथा पुराने और अमानक धान की खरीदी पर पूर्णतः रोक रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर टोकन प्राप्ति की प्रक्रिया, केंद्रों में उपलब्ध सुविधाएं, खेती की स्थिति, उगाई गई धान की किस्म और पैदावार की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पात्र किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसानों के हितों की अनदेखी न हो।
भैंसमा उपार्जन केंद्र में निरीक्षण के दौरान एक किसान के पास पुराना और अमानक स्तर का धान पाए जाने पर कलेक्टर ने उसे जब्त करने के निर्देश दिए। वहीं तिलकेजा उपार्जन केंद्र में खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अव्यवस्थाएं पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और कार्य में लापरवाही बरतने पर समिति प्रबंधक दुल्ली चंद धीवर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
तिलकेजा समिति में एक किसान युवराज सिंह के धान का प्रशासनिक टीम द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें बिचौलिये से प्राप्त अवैध धान विक्रय हेतु पाया गया। जांच के बाद उक्त धान को मौके पर ही जब्त कर नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की गई।
चिकनीपाली उपार्जन केंद्र के निरीक्षण के दौरान बिना पलटी किए धान खरीदी किए जाने पर कलेक्टर ने समिति प्रबंधक अजय कुमार को नोटिस जारी करने और खरीदी कार्य से पृथक रखने के निर्देश दिए। साथ ही केंद्र में सीसीटीवी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि धान खरीदी शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी समितियों को सख्त निर्देश दिए कि धान खरीदी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संचालित की जाए। साथ ही किसानों से अपील की कि वे बिचौलियों के माध्यम से धान विक्रय में सहयोग न करें, ताकि वास्तविक किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी