सूरजपुर में डबल मर्डर का खुलासा, 20 लाख के कर्ज और पैसों की लालच में मां-बेटे की हत्या
सूरजपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। सूरजपुर जिले में मां और बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा, स्टील की पानी की बोतल और अन्य सामान जब्त किए गए हैं।
सूरजपुर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए शुक्रवार को विज्ञप्ति जारी कर बताया कि, आरोपित ने पैसों की जरूरत के चलते महिला की हत्या की और घटना की जानकारी किसी को न हो, इस आशंका में उसके बेटे को भी मार डाला। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपित तक पहुंची।
पुलिस ने बताया कि, 10 अक्टूबर को महाबीरपुर के कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास सड़क किनारे नाली में एक युवक का शव मिला था। ग्राम पंचायत सरपंच महेश प्रसाद की सूचना पर जयनगर पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद 11 अक्टूबर को अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इसी बीच सुजल के मामा अविनाश बरेठ ने विश्रामपुर थाने में अपनी बहन रजनी बरेठ के लापता होने की सूचना दी। रजनी विश्रामपुर की ममता कॉलोनी, केशवनगर में किराये के मकान में अपने बेटे के साथ रहती थीं और शिक्षिका थीं। उनका मोबाइल 9 अक्टूबर से बंद आ रहा था। 11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस की मौजूदगी में मकान का ताला खुलवाया गया, जहां बाथरूम में रजनी का शव मिला। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद विश्रामपुर थाने में भी हत्या का मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने शहर के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक फुटेज में काली टी-शर्ट और सफेद गमछा पहने एक व्यक्ति रजनी के किराये के मकान की ओर जाते दिखाई दिया। दूसरे फुटेज में इसी तरह के कपड़े पहने एक व्यक्ति विश्रामपुर के कार वॉशिंग सेंटर पर अपनी कार धुलवाने पहुंचा था। जांच में कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया। इसके आधार पर पुलिस कार मालिक तक पहुंची और संदेह के आधार पर प्रवेश कुमार से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने रजनी और सुजल की हत्या करना स्वीकार किया।
पहले महिला से मांगे रुपये, इनकार करने पर की हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपित प्रवेश कुमार की पत्नी और रजनी एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी परिचय के कारण उसका रजनी के घर आना-जाना था। आरोपित ने मोटर पार्ट्स के कारोबार के लिए करीब 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे जानकारी थी कि रजनी भी 19 लाख रुपये का कर्ज लेने वाली हैं।
9 अक्टूबर को आरोपित अपनी कार धुलवाने के बहाने विश्रामपुर गया और वहां से पैदल रजनी के घर पहुंचा। कुछ देर वहां रुकने के बाद वह चला गया, लेकिन बाद में फिर वापस आया। शाम को सुजल ट्यूशन के लिए घर से निकल गया। इसी दौरान आरोपित ने रजनी से रुपये मांगे। उनके इनकार करने पर दोनों के बीच झूमाझटकी हुई। आरोपित ने स्टील की पानी की बोतल से रजनी के सिर पर वार किया और फिर बाथरूम में ले जाकर गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपित ने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और रजनी का स्टोल लेकर वहां से निकल गया। उसे आशंका थी कि सुजल को घटना की जानकारी हो सकती है और वह दूसरों को बता सकता है। इसी वजह से उसने सुजल की हत्या करने की योजना बनाई।
कार से ले जाकर सुजल की भी हत्या की
आरोपित ने मुंह पर सफेद गमछा बांधकर और हेलमेट पहनकर रजनी की स्कूटी से कुछ दूरी तय की। बाद में वह कार लेकर वापस आया और रात करीब नौ बजे सुजल के घर पहुंचने पर उसे अपनी मां के बारे में बहाना बताया। इसके बाद वह सुजल को कार में बैठाकर कुम्दा होते हुए अंबिकापुर की ओर ले गया।
राई जंगल के पास आरोपित ने बाथरूम जाने के बहाने कार रुकवाई। वहां उसने सुजल का गला स्टोल से कसने की कोशिश की और मुक्के मारे। सुजल भागने लगा तो आरोपित ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को कार में रखकर ठिकाने लगाने के लिए कई स्थानों पर गया। पुलिस ने बताया कि बाद में शव को कालीघाट क्षेत्र में फेंक दिया गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय