सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का वास्तविक समाधान और ई-ऑफिस के उपयोग पर जोर

 


बलरामपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। कलेक्टर रेना जमील की अध्यक्षता में आज सोमवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों, जनदर्शन, सेवा सेतु, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का केवल निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए। जरूरत पड़ने पर अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करें। उन्होंने बार-बार एक जैसी शिकायतें मिलने वाले मामलों के मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार करने तथा कमजोर प्रदर्शन वाले विभागों को आगामी समीक्षा तक सुधार लाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सीएम जनदर्शन, सेवा सेतु, पीजी पोर्टल और कलेक्टर जनदर्शन के लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने के साथ न्यायालयीन और हाई कोर्ट के प्रकरणों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए दोनों कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक लोगों की जांच और स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड से शेष पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अधिकारियों को स्वयं निक्षय मित्र बनने और लोगों को टीबी मरीजों के उपचार व पोषण सहयोग के लिए प्रेरित करने को कहा गया।

शिक्षा विभाग की समीक्षा में स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। छात्रावास-आश्रमों का नियमित मैदानी निरीक्षण कर बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

कार्यालयीन कार्यों में ई-ऑफिस प्रणाली के अधिकतम उपयोग के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि इससे फाइल संचालन, पत्राचार और अनुमोदन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का स्वयं जायजा लेने तथा समन्वय के साथ नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, डिप्टी कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला स्तरीय अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय