सूरजपुर में 60 केंद्रों पर होगी धान खरीदी, छह नए उपार्जन केंद्र भी शामिल
सूरजपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)।खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। आज रविवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर रेना जमील की उपस्थिति में प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में धान खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और उपार्जन समितियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिले में इस वर्ष कुल 60 केंद्रों पर धान की खरीदी की जाएगी, जिनमें छह नए उपार्जन केंद्र भी शामिल हैं।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए तथा वास्तविक किसानों को शासन की व्यवस्था का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर सुरक्षा, आवश्यक संसाधन और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही केंद्रों में सूचना पटल पर जरूरी जानकारियां प्रदर्शित करने और शासन के निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा।
इस वर्ष जिले में तिवारागुड़ी, रामतीर्थ, बड़सरा, बुंदिया, जजावल और दुलदुली में नए उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। कलेक्टर ने किसान पंजीयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए केंद्रों पर नमी मापक मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और बायोमेट्रिक मशीन सहित सभी जरूरी उपकरणों की उपलब्धता एवं उनके सही ढंग से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पर्याप्त बारदाने उपलब्ध रखने और किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि टोकन जारी करने से लेकर धान की तौल तक किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उपार्जन केंद्रों की मैपिंग से जुड़ी समस्याओं का खरीदी शुरू होने से पहले निराकरण करने तथा विकासखंड स्तर पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण समय पर पूरा कराने को कहा गया। उन्होंने खरीदे गए धान का समय पर उठाव और संग्रहण केंद्रों तक परिवहन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों पर धान का अनावश्यक भंडारण नहीं होना चाहिए। मौसम में बदलाव की स्थिति में धान को नुकसान से बचाने के लिए भी पहले से आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया।
धान खरीदी के दौरान सीमावर्ती चेक पोस्ट और संवेदनशील उपार्जन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने दलालों और बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा अनियमितता मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पिछले वर्ष धान उठाव और कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
किसानों की ऋण सूची पंचायत स्तर पर चस्पा करने और मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। इससे सूची में दर्ज जानकारी पर आपत्ति होने की स्थिति में किसान तहसील या अनुविभाग स्तर पर आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। बैठक में अपर कलेक्टर राम सिंह ठाकुर, खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति प्रबंधक और ऑपरेटर सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय