सूरजपुर : बतरा डैम में जर्जर नाव पलटने से तीन मछुआरों की मौत, सभी शव बरामद
सूरजपुर, 24 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ करंजी चौकी अंतर्गत ग्राम बतरा स्थित डैम में मछली पकड़ने गए तीन मछुआरों की डूबने से मौत हो गई। बुधवार सुबह करीब 10 बजे डीडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद जलाशय से तीसरे और आखिरी मछुआरे का शव भी बरामद कर लिया है।
यह पूरी घटना सोमवार देर रात करीब 12 बजे की है, जब ग्राम राईं निवासी नौ मछुआरे दो अलग-अलग नावों में सवार होकर बतरा डैम में मछली पकड़ने उतरे थे। इनमें से एक नाव पर पांच और दूसरी नाव पर चार लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि चार लोगों वाली नाव काफी जर्जर थी और उसमें जगह-जगह छेद थे। बीच जलाशय में पहुँचते ही अचानक उस नाव में तेजी से पानी भरने लगा। खुद को डूबता देख नाव पर सवार मछुआरे जान बचाने के लिए दूसरी नाव की तरफ कूदने लगे, जिससे अचानक एक तरफ वजन बढ़ गया और संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई। आखिरी शव दुर्घटना के करीब 44 घंटे बाद मिला, जिसके बाद मंगलवार से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन को समाप्त कर दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है, वहीं पीड़ित परिवारों ने शासन से उचित मुआवजे की मांग की है।
नाव पलटने के कारण उसमें सवार 47 वर्षीय समयलाल कंवर उर्फ पांणे, 45 वर्षीय जगपाल और 50 वर्षीय कंवलसाय राजवाड़े गहरे पानी में डूब गए, जबकि उनका एक साथी किसी तरह सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहा। इस हादसे से घबराए दूसरी नाव के सवार मछुआरे तुरंत किनारे पहुंचे और ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। मंगलवार सुबह मौके पर पहुंची करंजी चौकी पुलिस और डीडीआरएफ की टीम ने तुरंत संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे काफी प्रयासों के बाद समयलाल और जगपाल के शव तो निकाल लिए गए थे, लेकिन शाम 6 बजे तक तलाश के बावजूद कंवलसाय राजवाड़े का कुछ पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण मंगलवार शाम को रेस्क्यू रोकना पड़ा था, जिसके बाद बुधवार सुबह दोबारा अभियान शुरू कर ग्राम ऊचडीह जगरनाथपारा निवासी कंवलसाय का शव भी बरामद कर लिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह