पति का साथ छूटा, लेकिन नहीं टूटा हौसला, सक्षम योजना से अमृता ने शुरू किया स्वरोजगार

 


सूरजपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। पति के निधन के बाद बच्चों के पालन-पोषण और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अमृता प्रजापति ने हिम्मत नहीं हारी। सूरजपुर जिले के केशवनगर गांव की निवासी अमृता ने सक्षम योजना के तहत मिले एक लाख रुपये के ऋण से दुकान शुरू की और सिलाई का काम भी शुरू किया। आज स्वरोजगार के जरिए वे परिवार की जरूरतें पूरी करने और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने में योगदान दे रही हैं।

अमृता प्रजापति के पति संतोष प्रजापति का वर्ष 2021 में निधन हो गया था। इस घटना के बाद उनके सामने परिवार की आर्थिक जरूरतों, बच्चों के पालन-पोषण और उनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी आ गई। कुछ समय तक वे मायके में रहीं, लेकिन बच्चों का भविष्य संवारने के लिए उन्होंने खुद आत्मनिर्भर बनने का फैसला किया।

मायके से लौटने के बाद अमृता को सक्षम योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने दुकान के लिए जगह तैयार कर अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया। साथ ही सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई का काम भी शुरू कर दिया। दुकान और सिलाई से होने वाली आमदनी उनके लिए आजीविका का सहारा बनी है।

अमृता के लिए यह पहल केवल कमाई का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी है। पति के निधन के बाद बच्चों के भविष्य को लेकर उनके सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन मेहनत और स्वरोजगार के सहारे वे परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं। उनकी कहानी दिखाती है कि उचित आर्थिक सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिन परिस्थितियों में भी नई शुरुआत की जा सकती है।

अमृता प्रजापति ने सक्षम योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं को इस तरह का सहयोग आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार का भविष्य संवारने में मदद कर सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय