सुकमा के पोलमपल्ली पोटाकेबिन की अधीक्षिका हटाई गई, जांच टीम गठित

 


सुकमा, 31 अगस्त (हि.स.)। जिले के पोलमपल्ली के पोटाकेबिन छात्रावास में बच्चों के उल्टी-दस्त से बीमार होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अधीक्षिका पद्मलता मोरे को प्रभार से हटा दिया गया। उनकी जगह सहायक शिक्षिका वैजयंती चंद्रा को पोलमपल्ली पोटाकेबिन की जिम्मेदारी दी गई है।

कलेक्टर ने स्वयं पोलमपल्ली के पोटाकेबिन छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान संचालन में कई कमियां मिलने पर प्रशासन ने आज साेमवार काे कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई गई है। वहीं, कोंटा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी निरीक्षण के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया है।

बच्चों की सेहत को देखते हुए पोटाकेबिन में दो नए वाटर फिल्टर लगाए गए हैं। बच्चों को नियमित रूप से पानी उबालकर ठंडा करने के बाद दिया जा रहा है। परिसर को सैनिटाइज कराया गया और नालियों व शौचालयों में ब्लीचिंग पाउडर डाला गया है। पीएचई विभाग ने पोटाकेबिन में इस्तेमाल होने वाले पानी के सैंपल जांच के लिए लिए हैं। खाद्य विभाग ने भी बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। इसके अलावा हाथ धोन हैण्डवास एवं बर्तन धोने के लिए अलग अलग जगह निर्धारित किया गया है। जिले के समस्त पोटाकेबिन/छात्रावास में जिलास्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है तथा दो दिवस में पोटाकेबिन तथा छात्रावासों का निरीक्षण कर संस्था में उपलब्ध सुविधाओं के बारे जानकारी मंगाई गई है, ताकि व्यवस्था के संबंध में कोई कमी न हो।

इसी बीच, गंजेनार शासकीय कन्या आश्रम भवन की मरम्मत पूरी नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के मामले में भी कार्रवाई की गई है। अधीक्षिका जसवती मांझी को पद से हटाकर सहायक शिक्षिका आशाकली को प्रभार दिया गया है। वहीं, जसवती मांझी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पोलमपल्ली की घटना के बाद प्रशासन ने जिले के सभी पोटाकेबिन और छात्रावासों की जांच के निर्देश दिए हैं। जिलास्तर के अधिकारियों को इन संस्थाओं का निरीक्षण कर सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी लेने को कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे