पीजी काॅलेज के छह विधि प्राध्यापकों को कुरूद भेजने के आदेश से भड़के विद्यार्थी
महापौर से मिलकर बताई समस्या, 240 विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षाएं प्रभावित होने की जताई आशंका
धमतरी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। बीसीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के विधि संकाय के छह सहायक प्राध्यापकों को कुरूद के नवीन विधि महाविद्यालय में संलग्न करने संबंधी आदेश की जानकारी सामने आने के बाद विद्यार्थियों में नाराजगी फैल गई। शुक्रवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी नगर निगम पहुंचे और महापौर रामू रोहरा से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई।
विद्यार्थियों का कहना है कि धमतरी कॉलेज में विधि संकाय के करीब 240 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। दीपावली के तुरंत बाद आंतरिक परीक्षाएं और उसके बाद विश्वविद्यालयीन मुख्य परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में सभी विधि प्राध्यापकों को कुरूद भेजने से यहां अध्यापन कार्य प्रभावित होगा और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
विद्यार्थियों के अनुसार कुरूद में नवीन विधि महाविद्यालय में बीए एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है, लेकिन कॉलेज अभी पूरी तरह प्रारंभ नहीं हुआ है। वहां पहले से ही विधि विषय के एक सहायक प्राध्यापक कार्यरत हैं। इसके बावजूद 29 अक्टूबर की रात कलेक्टर के नाम से जारी एक आदेश वायरल हुआ, जिसमें धमतरी कॉलेज के विधि संकाय के छह सहायक प्राध्यापकों सहित कुल 12 कर्मचारियों को कुरूद महाविद्यालय में अस्थायी रूप से संलग्न करने की बात कही गई थी। इससे विद्यार्थियों में असमंजस और आक्रोश की स्थिति बन गई।
उन्होंने महापौर को सौंपे आवेदन में आदेश तत्काल निरस्त कराने की मांग की। आवेदन देने वालों में डागेश्वर साहू, चित्रेश साहू, हितेश ध्रुव, दुष्यंत वट्टी, प्रवीण साहू, चुनेश साहू, नीरज, उत्तम देवांगन, सैच सेंचल जसूजा, दिव्या, मानसी और लोकमाया श्वेता सहित अन्य विद्यार्थी शामिल थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर रामू रोहरा ने कलेक्टर, पीजी कॉलेज के प्राचार्य और रायपुर में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि फिलहाल धमतरी कॉलेज के सहायक प्राध्यापक कहीं नहीं जाएंगे। परीक्षाएं नजदीक हैं और इस समय प्राध्यापकों के स्थानांतरण से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। नया सेटअप तैयार होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा।
प्राचार्य पीजी कालेज के प्राचार्य डा वीके पाठक ने भी स्पष्ट किया कि कालेज का कोई भी स्टाफ कुरूद नहीं जा रहा है। इसके लिए केवल एक टीम गठित की गई है और सभी सहायक प्राध्यापक धमतरी काॅलेज में ही रहेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा