कोरबा में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया गया जागरूक
कोरबा, 31 अक्टूबर (हि. स.)। बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कोरबा जिले में सुरक्षित बचपन अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन में पॉक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान के प्रथम चरण का आयोजन 26 से 31 अक्टूबर तक किया गया।
इसी क्रम में आज शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, सीएसईबी कोरबा में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सीमा प्रताप चन्द्रा ने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और जीवन में सतर्कता के महत्व की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को केवल अनजान व्यक्तियों से ही नहीं, बल्कि परिचितों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों के व्यवहार के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति लालच देकर, बहला-फुसलाकर या किसी प्रकार का प्रलोभन देकर अपने साथ ले जाने का प्रयास करता है, तो बच्चों को उसके साथ नहीं जाना चाहिए। किसी भी संदिग्ध या असहज परिस्थिति में तत्काल माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देनी चाहिए।
न्यायाधीश चन्द्रा ने कहा कि, बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को माता-पिता की सीख को सकारात्मक रूप से लेने और जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना धैर्य एवं साहस के साथ करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है और किसी भी परिस्थिति में निराश होकर गलत कदम नहीं उठाना चाहिए।
उन्होंने किशोरावस्था को जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि, 16 से 17 वर्ष की आयु में भावनाओं में बहकर लिए गए फैसले भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। प्रेम-प्रसंग के चलते घर छोड़कर किसी के साथ चले जाना कई बार कानूनी समस्याओं और आपराधिक प्रकरणों का कारण बन सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को इस उम्र में शिक्षा, लक्ष्य निर्धारण और बेहतर भविष्य के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि, जागरूकता के माध्यम से बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को रोका जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोरबा जिले में बच्चों से संबंधित पॉक्सो अधिनियम का एक भी मामला सामने न आए और किसी परिवार को ऐसी दुखद घटना का सामना न करना पड़े।
हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी