दसवीं के छात्रों को किताबें नहीं मिलीं, स्मार्ट क्लास भी बंद! कैसे होगी बोर्ड परीक्षा की तैयारी?

 




बलरामपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। इन दिनों बलरामपुर जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी और उनकी कार्यप्रणाली पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब स्कूलों के विद्यार्थी भी अपनी समस्याओं को लेकर सड़क और अधिकारियों के कार्यालय तक पहुंचने लगे हैं।

वाड्रफनगर के बाद अब जामवंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के 10वीं कक्षा के विद्यार्थी किताबें नहीं मिलने और स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन नहीं होने की शिकायत लेकर रामानुजगंज डीईओ कार्यालय पहुंच गए। बोर्ड परीक्षा नजदीक है और ऐसे समय में विद्यार्थियों की इन शिकायतों ने जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है।

मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों के साथ जामवंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के 10वीं कक्षा के विद्यार्थी रामानुजगंज डीईओ कार्यालय पहुंचे। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा और कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

कक्षा 10वीं की छात्रा तनुश्री मंडल ने बताया कि हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की किताबें अभी तक उन्हें नहीं मिली हैं। इसके साथ ही स्कूल में स्मार्ट क्लास भी बंद है। विद्यार्थियों का कहना है कि जब वे इस समस्या को लेकर प्राचार्य के पास पहुंचे तो उन्हें पीडीएफ निकलवाकर पढ़ने की सलाह दी गई।

छात्रों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा नजदीक है। ऐसे समय में विषय की किताबें नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों के सामने यह भी परेशानी है कि बड़ी संख्या में पन्नों वाली पीडीएफ को प्रिंट करवाकर पढ़ना उनके लिए आसान नहीं है।

एबीवीपी के जिला संयोजक विकास महतो ने कहा कि संगठन को जानकारी मिली थी कि जामवंतपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को कुछ विषयों की किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। स्मार्ट क्लास के नियमित संचालन को लेकर भी विद्यार्थियों की शिकायत है। इन्हीं समस्याओं को लेकर वे छात्रों के साथ डीईओ कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने कहा कि 10वीं बोर्ड की परीक्षा विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि विद्यार्थियों के पास विषय की किताबें नहीं हों और स्मार्ट क्लास का लाभ भी नहीं मिले तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है।

विकास महतो ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी का मुख्यालय रामानुजगंज में होने के बावजूद वे यहां नियमित रूप से नहीं बैठते और बलरामपुर से कार्यालय संचालित करते हैं। उन्होंने जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को 150 पन्नों की पीडीएफ प्रिंट करवाकर पढ़ने के लिए कहना व्यावहारिक समाधान नहीं है। यदि तीन दिवस के भीतर विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो एबीवीपी छात्रों के साथ उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

मामले में रामानुजगंज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की सहायक संचालक आशा रानी टोप्पो ने बताया कि एबीवीपी के विद्यार्थी ज्ञापन सौंपने के लिए कार्यालय पहुंचे थे। ज्ञापन में दो विषयों की किताबें नहीं मिलने, स्मार्ट क्लास नियमित रूप से संचालित नहीं होने और परीक्षा शुल्क में वृद्धि किए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने बताया कि हेल्थ केयर और कंस्ट्रक्शन विषय की किताबें शासन की ओर से उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उनके अनुसार एक से दो दिन में किताबें मिलने की संभावना है। किताबें प्राप्त होने के बाद विद्यार्थियों को उनका वितरण कर दिया जाएगा।

बोर्ड परीक्षा करीब होने के बीच 10वीं के विद्यार्थियों की किताबों और स्मार्ट क्लास से जुड़ी शिकायत ने स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल विभाग ने एक-दो दिन में किताबें उपलब्ध होने की बात कही है। ऐसे में विद्यार्थियों को किताबें कब तक मिलती हैं और स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन कब शुरू होता है, यह देखने वाली बात होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय