संयुक्त ड्राइवर संघ ने 12 नवंबर से स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन का दिया अल्टीमेटम

 


संयुक्त ड्राइवर संघ ने 12 नवंबर से स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन का दिया अल्टीमेटम

जगदलपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। संयुक्त ड्राइवर संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करने की चेतावनी के बाद 12 नवंबर से परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। संयुक्त ड्राइवर संघ ने बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया है कि यदि तय समय तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 12 नवंबर से प्रदेश भर में ड्राइवरों का स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन शुरू किया जाएगा। ड्राइवर संघ की प्रमुख मांगाें में ड्राइवरों के लिए अलग आयोग का गठन किया जाए, चालकों के हितों की सुरक्षा के लिए वेलफेयर व्यवस्था बनाई जाए, ड्राइवर दिवस घोषित किया जाए एवं चालकों के साथ मारपीट और झूठे आरोपों की घटनाओं पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था हो।

ड्राइवर संघ के संभागीय अध्यक्ष दुर्जनराम नाग ने बताया कि बीते दिनों ड्राइवर संघ ने ड्राइवर आयोग, ड्राइवर वेलफेयर, ड्राइवर एक दिवस जैसी मांगों को लेकर हड़ताल किया था। जिसपर आश्वासन मिलने से हड़ताल समाप्त कर दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते राजधानी रायपुर में जॉइंट कमेटी के तहत 33 जिलों के सभी ड्राइवर संघ के पदाधिकारियों ने बैठक किया, और यह निर्णय लिया गया है कि यदि समय पर मांगे पूरी नहीं होती है तो आगामी 12 नंवबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे । ड्राइवरों के इस प्रस्तावित आंदोलन से मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने पर राशन की आपूर्ति, सब्जियों की मंडियों तक पहुंच, पेट्रोल-डीजल का परिवहन और खनिजों की ढुलाई पर असर पड़ सकता है। वहीं यात्री बसों का संचालन प्रभावित होने पर लोगों को आवागमन में परेशानी हो सकती है।

जिला महासचिव नलसिंग नाग का कहना है कि अपनी मांगों को और 12 नवंबर के आंदोलन को लेकर जिला कलेक्टर, एसपी बस्तर, परिवहन विभाग, लोकल परिवहन संघ, ट्रांसपोर्टर, सहित सभी लोगो को पत्राचार किया गया है। नलसिंग का कहना है कि लगभग सभी ड्राइवर गरीब हैं। किसी कारणवश उनकी मौत होने पर ना प्रशासन सहयोग करता है और ना ही गाड़ी मालिक सहयोग करते हैं। आम नागरिक को परेशानी होने पर वे आंदोलन करते हैं और उन्हें प्रशासन सहयोग करता है। ड्राइवर संघ की भी मांग है कि घटना दुर्घटनाओं में उन्हें भी घायल अथवा मृत्यु होने पर उचित मुआवजा राशि प्रदान किया जाए।

संघ ने चालकों की सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। वाहन चलाने के दौरान ड्राइवरों को कई बार मारपीट, झूठे आरोप और असुरक्षा जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए कोई मजबूत व्यवस्था नहीं होने से चालकों में नाराजगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे