महासमुंद जिले में जब्त रेत की नीलामी से राज्य सरकार को मिला सात करोड़ राजस्व
जिला प्रशासन और खनिज विभाग की टीम ने की राजस्व सृजन एवं सुशासन की मिसाल
महासमुंद, 17 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन महासमुंद एवं खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व हितों के संरक्षण तथा अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग द्वारा गुरुवार काे जारी विज्ञप्ति के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुये ग्राम बरबसपुर, बडगांव, बिरकोनी एवं घोड़ारी में अवैध रूप से भण्डारित रेत मात्रा 2,53,303 घन मीटर जब्त की गई थी। जब्त रेत के सुरक्षित संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन एवं शासन को राजस्व प्राप्त कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार बंद लिफाफा के माध्यम से नीलामी की कार्रवाई प्रारंभ की गई। संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक एवं नियमसम्मत तरीके से संपादित किया गया, जिससे अधिकाधिक पात्र निविदाकारों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकी।
नीलामी प्रक्रिया के सफल संपादन के परिणामस्वरूप लगभग 2,53,303 घन मीटर जप्त रेत का विक्रय किया गया, जिससे शासन को लगभग 7 करोड़ 19 हजार 566 का राजस्व प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि जिले के लिए वित्तीय उपलब्धि के साथ खनिज संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पहल से शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होने के साथ- साथ अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध एक सशक्त संदेश भी गया।
जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के मध्य कानून के प्रति जागरूकता एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित हुई तथा खनिज नियमों के पालन को बढ़ावा मिला। महासमुंद जिले में जप्त रेत की यह सफल नीलामी सुशासन, पारदर्शिता एवं संसाधनों के कुशल प्रबंधन की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। जिला प्रशासन और खनिज विभाग की टीम द्वारा खनिज संसाधनों के संरक्षण तथा अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्यवाही निरंतर की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल