बारिश में भ्रष्टाचार की पोल खुल रही, नवनिर्मित पुल-पुलिया और सड़कें बह रही हैं : दीपक बैज

 


रायपुर, 19 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि, बारिश ने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि, प्रदेश में नवनिर्मित पुल, पुलिया और सड़कें ही नहीं, बल्कि सरकार के भ्रष्टाचार के सबूत भी बारिश में बह रहे हैं।

बुधवार को दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि, राजनांदगांव, सूरजपुर, मुंगेली, गरियाबंद, रायगढ़ और कोरबा सहित कई जिलों में नवनिर्मित पुलों और सड़कों के धंसने, बहने तथा उनमें दरारें आने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कई निर्माण कार्य उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के कांग्रेस के आरोपों को बल मिलता है।

उन्होंने रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के हिस्से में करीब 4,146 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सड़क उद्घाटन से पहले ही बारिश में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। कांग्रेस के मुताबिक, सड़क पर 20 से अधिक दरारें दिखाई दे रही हैं तथा सड़क और ढलान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने गुणवत्ताहीन अंडरब्रिज के दलदल में तब्दील होने का भी आरोप लगाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में सामने आई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि राजनांदगांव में करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से बने बरगा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन के 15 से 20 दिन बाद ही पहली बारिश में दरक गए और उनमें लंबी दरारें आ गईं।

सूरजपुर के धोंधा गांव में भारी बारिश के बाद पुल क्षतिग्रस्त होने और आवागमन प्रभावित होने की बात भी उन्होंने कही। गरियाबंद के उदांती क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा बहने तथा कोरबा के भैसामुड़ा में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी पुलिया के पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त होने का आरोप लगाया।

बैज ने मुंगेली में नया पुल बहने, रतनपुर-पेंड्रारोड हाईवे पर रोजाना वाहनों के फंसने तथा बस्तर और सरगुजा की सड़कों की खराब स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले के नवापारा में स्कूली बच्चों ने जर्जर सड़कों के विरोध में गड्ढों में भरे पानी में नहाकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में सड़कों की स्थिति खराब है और सरकार समय पर मरम्मत तक नहीं करवा पा रही है।

दीपक बैज ने संसद में पारित मिनरल संशोधन अधिनियम को छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस संशोधन के बाद राज्य सरकारें अपने राज्यों से निकलने वाले खनिजों पर उपकर नहीं लगा सकेंगी।

उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ से कोयला, बॉक्साइट, आयरन सहित अनेक खनिजों का खनन होता है। ऐसे में राज्य को अपने खनिज संसाधनों से राजस्व जुटाने के अधिकार सीमित होना प्रदेश के हित में नहीं है। बैज ने कहा कि कांग्रेस इस कानून का विरोध करती है और आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने यह कानून बड़े उद्योग समूहों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर