विशेष पिछड़ी जनजाति भुंजिया के 425 परिवारों को नगरी परियोजना से जोड़ने की मांग

 


धमतरी, 03 नवंबर (हि.स.)। विशेष पिछड़ी जनजाति भुंजिया समाज के लोग मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जिले के 425 भुंजिया परिवारों को गरियाबंद की जगह नगरी स्थित कमार एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना से जोड़ने की मांग की। समाज के लोगों का कहना है कि लंबी दूरी के कारण योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।

भुंजिया समाज के जिलाध्यक्ष मंगल नाग और ब्लाक अध्यक्ष संतोष मराई ने बताया कि धमतरी जिले के नगरी और मगरलोड विकासखंड में विशेष पिछड़ी जनजाति भुंजिया के कुल 425 परिवार निवासरत हैं। वर्तमान में इन परिवारों का अभिकरण गरियाबंद जिले में संचालित परियोजना से संबंधित है। गरियाबंद जाने के लिए उन्हें 35 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। बार-बार आने जाने में समय और पैसे खर्च होते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई बार इतनी दूरी तय कर गरियाबंद पहुंचने के बाद भी अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती और काम भी नहीं बन पाते। इससे समाज के लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।समाज के लोगों ने मांग की है कि गरियाबंद जिले की परियोजना के माध्यम से भुंजिया जनजाति के लिए संचालित योजनाओं और बजट का लाभ धमतरी जिले में भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए जिले के भुंजिया परिवारों को नगरी स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति कमार एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना से जोड़ा जाए। इससे समाज के लोगों को स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से संपर्क करने और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा