सौर ऊर्जा के विस्तार में सोलर दीदियां बनेंगी अहम कड़ी वेंडर और हितग्राही पंजीयन की प्रक्रिया, पात्रता व कार्ययोजना पर दी गई जानकारी
धमतरी, 18 सितंबर (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक पात्र परिवारों को सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिला पंचायत धमतरी के सभाकक्ष में आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत ‘सोलर दीदी’ वेंडर एवं हितग्राही पंजीयन को लेकर शुक्रवार को बैठक सह-कार्यशाला आयोजित की गई।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना सहित सौर ऊर्जा आधारित गतिविधियों के विस्तार और सोलर दीदियों की भूमिका को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी जयंत नाहटा के निर्देशन में आयोजित हुई। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा से जुड़े उत्पादों और सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में सोलर दीदियां महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा के प्रति जागरूक करने के साथ महिलाओं के लिए आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल अनिल सोनी ने सोलर दीदी के वेंडर पंजीयन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पंजीयन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा सोलर उत्पाद एवं सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा से संबंधित उत्पादों और सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में सोलर दीदियों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई।
हितग्राही पंजीयन के लिए पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन-ऑफलाइन पंजीयन की प्रक्रिया समझाई गई। पंजीयन के दौरान आने वाली व्यवहारिक समस्याओं, उनके समाधान तथा प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने सोलर दीदियों से घर-घर संपर्क कर पात्र परिवारों को योजनाओं की जानकारी देने और समय पर पंजीयन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में आगामी चरण के निर्धारित वेंडर एवं हितग्राही पंजीयन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय से काम करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को गति देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्थानीय स्तर पर सोलर सेवाओं की उपलब्धता मजबूत करना और महिला समूहों को सौर ऊर्जा आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ना रहा। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों को सहभागिता एवं प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहन स्वरूप प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, महिला संकुल प्रतिनिधि, संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि और सोलर दीदियां उपस्थित रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा