धमतरी जिले में अब तक 14 हजार 860 मीट्रिक टन उर्वरकों का हुआ है वितरण
धमतरी, 21 जून (हि.स.)। खरीफ सीजन से पहले धमतरी जिले में किसानों को खाद-उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण और पारदर्शी वितरण व्यवस्था के चलते किसानों को समय पर खाद मिल रही है।
अब तक जिले में 24 हजार 658 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जबकि 14 हजार 860 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। सभी सहकारी समितियों और उर्वरक विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके।
जिले की 96 सहकारी समितियों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। किसानों की मांग के अनुरूप समितियों को लगातार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। शंकरदाह (अर्जुनी) समिति की मांग पर सहकारी विपणन संघ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया, जिससे वहां यूरिया का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित हो गया है। कृषि विभाग किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।
विभाग के अनुसार डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी, एनपीके, अमोनियम फॉस्फेट सल्फेट तथा नैनो उर्वरकों का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, जिससे फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलने के साथ उर्वरकों के संतुलित उपयोग को भी बढ़ावा मिलता है। उर्वरकों की कालाबाजारी और कृत्रिम अभाव की स्थिति पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार निरीक्षण और छापामार कार्रवाई कर रहा है। अनियमितता पाए जाने पर अब तक तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं तथा 24 से अधिक विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन की सख्ती का असर यह है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध हो रही है और बाजार में पारदर्शिता बनी हुई है। अधिक मूल्य वसूली, जमाखोरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिलने पर जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07722-232249 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि खरीफ सीजन के दौरान किसी भी किसान को खाद-बीज की कमी का सामना न करना पड़े। शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा इस वर्ष खरीफ फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दलहन एवं तिलहन फसलों को दिया जा रहा बढ़ावा
कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे किसान फसल विविधीकरण की ओर आकर्षित हो रहे हैं और आय बढ़ाने के नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों और लाइसेंसी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा