निर्माणाधीन मेघा पुल का स्लैब ढहा, गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर उठे सवाल

 


जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने उच्चस्तरीय जांच और एफआईआर की मांग की

धमतरी, 29 जून (हि.स.)। मगरलोड विकासखंड में महानदी पर मेघा घाट के पास निर्माणाधीन मेघा पुल का कार्य प्रथम गोड़ा पुल का स्लैब ढहने की घटना के बाद विवादों में आ गया है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण पुल में निर्माण के दौरान हुई घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और कथित अनियमितताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

साेमवार काे जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने शासन से कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है।

उनका दावा है कि पुल का स्लैब पूरी तरह ढह गया था और बाद में उसे वहीं दबाकर रोलर चलाकर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार स्वीकार्य नहीं है तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है कि वे निर्माण कार्यों की निगरानी कर जनता के हितों की रक्षा करें। नीलम चंद्राकर ने कहा कि स्लैब गिरने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले पुल में यदि निर्माण के दौरान ही ऐसी घटना हो रही है तो यह गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने, दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

निरीक्षण के दौरान मौजूद पूर्व जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में यह पुल लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। पूर्व सरपंच मेघा शंकर साहू ने भी घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान रामेश्वर साहू, जानसिंग यादव, विनीत बाफना, शंकर साहू, यश साहू सहित कांग्रेस के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बनने के बाद उसकी मजबूती और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका न रहे, इसके लिए अभी से गुणवत्ता की कड़ी निगरानी और पारदर्शी जांच आवश्यक है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा