शुभ मुहूर्त में विराजेंगे श्री गणेश, 11 दिनों तक गूंजेगा बप्पा का जयकारा
धमतरी, 13 सितंबर (हि.स.)। देवों में प्रथम पूजनीय भगवान गणेश का 11 दिवसीय गणेशोत्सव सोमवार 14 सितंबर से श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू होगा। शुभ मुहूर्त में शहर और अंचल के विभिन्न गणेश पंडालों के साथ ही घरों में भी गणपति की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। गणेश चतुर्थी को लेकर शहर में पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। उत्सव के एक दिन रविवार को बाजारों और मूर्ति बिक्री स्थलों पर लोगों की चहल-पहल बढ़ गई।
शहर में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमाएं खरीदकर अपने घर और पंडालों तक ले जाते नजर आए। गणेश मंदिर में भी रविवार सुबह अखंड जलाभिषेक का शुभारंभ किया गया। भगवान गणेश के दर्शन-पूजन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। गणेश चतुर्थी के पूर्व शहर के कुम्हारपारा में भी प्रतिमाएं ले जाने का सिलसिला तेज रहा। लोग हाथठेला, साइकिल, मोटरसाइकिल सहित अन्य साधनों से अपनी पसंद की प्रतिमाएं लेकर जाते दिखाई दिए।
गणेशोत्सव को लेकर छोटे बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के 40 वार्डों में विभिन्न गणेशोत्सव समितियों ने प्रतिमा स्थापना और पंडाल सजावट की व्यापक तैयारियां की हैं। मकई चौक, बालक चौक, आमापारा, कोष्टापारा, ब्राह्मणपारा, सोरिद, रामबाग, विंध्यवासिनी वार्ड, दानीटोला सहित शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में गणपति की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा अंचल के गांवों और कस्बों में भी गणेशोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सार्वजनिक पंडालों के साथ बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में भी गणपति की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे।
11 दिनों तक धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की धूम
गणेशोत्सव के दौरान शहर सहित अंचल में 11 दिनों तक विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। गणेश पंडालों में प्रतिदिन सुबह-शाम आरती, पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण के साथ भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रतियोगिताएं और अन्य कार्यक्रम होंगे। कई समितियों ने बच्चों और युवाओं के लिए विशेष आयोजन की तैयारी की है। इससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बनेगा और शाम होते ही पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
बाजार में बढ़ी पूजन सामग्री की मांग:
गणेशोत्सव को लेकर बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। भगवान गणेश के प्रिय भोग लड्डू के साथ पूजा सामग्री, फूल, माला, सजावटी सामान, विद्युत झालर और पंडाल सजाने की सामग्री की मांग बढ़ गई है। दुकानदारों ने ग्राहकों की जरूरत को देखते हुए दुकानों के बाहर तक स्टाल लगाए हैं। वहीं मूर्तिकारों के यहां प्रतिमाओं को ले जाने का सिलसिला जारी रहा। गणेश चतुर्थी के साथ ही शहर में अगले 11 दिनों तक भक्तिमय वातावरण रहेगा।
पंचांग के अनुसार 14 सितंबर, सोमवार को गणपति स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11.02 बजे से दोपहर 1.31 बजे तक का समय शुभ माना गया है। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की स्थापना कर पूजन-अर्चन कर सकते हैं। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होने के कारण गणेश चतुर्थी के साथ इसका संयोग विशेष धार्मिक महत्व वाला माना जा रहा है। तीज व्रत और गणेशोत्सव एक ही दिन पड़ने से घरों और मंदिरों में भक्ति का माहौल और अधिक गहरा होने की उम्मीद है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा