कोरबा: खेती के साथ मछली पालन से आत्मनिर्भरता, सरकारी प्रशिक्षण से मिला आजीविका का नया अवसर
कोरबा, 15 अक्टूबर (हि. स.)। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेन्द्रीपाली का जय सेवा नवयुवक स्व सहायता समूह खेती के साथ मत्स्य पालन को अपनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। सीमित आय और खेती पर निर्भरता जैसी चुनौतियों के बीच समूह के सदस्यों ने मछली पालन को आजीविका के अतिरिक्त साधन के रूप में चुना है।
मत्स्य पालन विभाग की राज्य पोषित प्रशिक्षण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जय सेवा नवयुवक स्व सहायता समूह के सदस्यों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही जिले से बाहर अध्ययन भ्रमण का अवसर भी मिला। इस दौरान सदस्यों ने मछली पालन की तकनीकों, बेहतर प्रबंधन और उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
प्रशिक्षण से मिले मार्गदर्शन का उपयोग समूह के सदस्य अपने मत्स्य पालन कार्य में कर रहे हैं। खेती के साथ मछली पालन शुरू करने से समूह को आय का एक अतिरिक्त विकल्प मिला है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद बढ़ी है।
जय सेवा नवयुवक स्व सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बन रही है। समूह का प्रयास दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं, उचित प्रशिक्षण और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से ग्रामीण परिवार अपनी आजीविका के साधनों का विस्तार कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी