कुसमुंडा मेगा प्रोजेक्ट पहुंचे SECL के तकनीकी निदेशक, खनन कार्यों और मानसून तैयारियों की समीक्षा
कोरबा, 22 जून (हि. स.)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक (तकनीकी), परियोजना एवं योजना रमेश चंद्र महापात्र ने आज सोमवार को कुसमुंडा मेगा प्रोजेक्ट का दौरा कर खनन गतिविधियों और मानसून के मद्देनजर की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने उत्पादन, डिस्पैच और ओवरबर्डन रिमूवल कार्यों का निरीक्षण करते हुए परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को सुरक्षित एवं निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान निदेशक ने खदान के विभिन्न पैचों में चल रहे कोयला उत्पादन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादन और उत्पादकता से जुड़े प्रमुख मानकों की समीक्षा करते हुए परियोजना अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान खनन कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर निर्धारित उत्पादन लक्ष्य हासिल करने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मानसून सीजन को देखते हुए श्री महापात्र ने परियोजना क्षेत्र में किए गए सुरक्षा और प्रबंधन इंतजामों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने जल निकासी व्यवस्था, डी-वाटरिंग एवं पंपिंग सिस्टम, ढलानों की स्थिरता की निगरानी और बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए किए गए अन्य एहतियाती उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मानसून के दौरान खनन कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
निदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों का पालन और श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सुरक्षित और सतत खनन गतिविधियों के माध्यम से ही दीर्घकालिक विकास और बेहतर उत्पादन परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान कुसमुंडा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने निदेशक को परियोजना की वर्तमान उत्पादन स्थिति, विकास कार्यों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि खदान क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने तथा मानसून से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
एसईसीएल के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण खनन परियोजनाओं में शामिल कुसमुंडा मेगा प्रोजेक्ट में यह दौरा कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, परिचालन दक्षता में सुधार लाने और सुरक्षित कोयला उत्पादन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस समीक्षा से क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी, वहीं पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का भी प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी