सूरजपुर में पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने के मामले में कबाड़ी को 10 साल की सजा, दोहरे हत्याकांड में आठ अक्टूबर को फैसला

 

सूरजपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। सूरजपुर में कबाड़ी कुलदीप साहू से जुड़े चर्चित मामले में अदालत ने पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाकर जानलेवा हमला करने के प्रकरण में उसे दोषी ठहराते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं इसी घटनाक्रम से जुड़े प्रधान आरक्षक की पत्नी और 14 वर्षीय बेटी की हत्या के दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में 8 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाएगा।

दरअसल, 13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ पुलिसकर्मी पुराने बस स्टैंड इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद कबाड़ी कुलदीप साहू से पूछताछ की। पूछताछ को लेकर उसके और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया।

विवाद बढ़ने पर कुलदीप साहू ने बिरयानी दुकान में चूल्हे पर गर्म हो रहा तेल पुलिसकर्मी पर फेंक दिया। इसके बाद वह अपनी स्कॉर्पियो से मौके से भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपित ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया।

प्रधान आरक्षक के घर पहुंचने पर सामने आया हत्याकांड

इसी घटनाक्रम के बाद मामला और गंभीर हो गया। प्रधान आरक्षक जब अपने घर पहुंचा तो उसकी पत्नी और 14 वर्षीय बेटी वहां नहीं थीं। घर के अंदर खून के निशान मिलने से वह हैरान रह गया। परिजनों और पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पीड़ा गांव के एक खेत से प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी के शव बरामद किए गए।

दोनों की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और कुछ दिनों बाद मुख्य आरोपित कुलदीप साहू सहित उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने अलग-अलग घटनाओं को जोड़ते हुए जांच पूरी की और न्यायालय में चालान पेश किया।

करीब दो साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाकर जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने कुलदीप साहू को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। वहीं प्रधान आरक्षक की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या से जुड़े दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है। इस मामले में 8 अक्टूबर को सजा के संबंध में फैसला सुनाया जाएगा।

फिलहाल दोहरे हत्याकांड मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है। मामले को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय