सावन के पहले सोमवार शिवमय हुआ कोयलांचल, कनकेश्वर धाम में उमड़ा जनसैलाब, भोलेनाथ के जयघोष से गूंजे शिवालय

 




कोरबा, 03 अगस्त (हि. स.)। सावन माह के प्रथम सोमवार को पूरा कोयलांचल भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबा नजर आया। तड़के चार बजे से ही कनकी स्थित कनकेश्वर धाम, बालकोनगर शिव मंदिर, कटघोरा के प्राचीन शिवालय, एनटीपीसी टाउनशिप स्थित शिव मंदिर सहित जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं और कांवरियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, प्रदेश की खुशहाली और विश्व कल्याण की कामना की।

कनकेश्वर धाम में सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालु पैदल कांवर यात्रा कर पवित्र जल लेकर मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से अभिषेक किया।

सावन के पहले सोमवार पर कोरबा कांवरिया संघ की ओर से कनकेश्वर धाम में विशाल महाप्रसाद (भंडारा) का आयोजन किया गया। वर्ष 1996 से चली आ रही सेवा परंपरा के तहत पिछले 32 वर्षों से संघ सावन के प्रत्येक सोमवार को शिवभक्तों की सेवा करता आ रहा है। इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। भोजन, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था में स्वयंसेवकों ने पूरे समर्पण के साथ सेवा की।

कोरबा कांवरिया संघ के नागरमल अग्रवाल, ठाकुर दास मनमानी, महेश अग्रवाल, दिनेश पटेल, राकेश नागरमल अग्रवाल, अर्जुन गुप्ता एवं मनीष मनमानी ने कहा कि भगवान शिव की आराधना तभी सार्थक होती है जब उसमें सेवा और मानवता का भाव जुड़ा हो। संघ का उद्देश्य हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक सेवा और महाप्रसाद उपलब्ध कराना है, जिसे आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।

बालकोनगर के पंडित महात्मा प्रसाद तिवारी ने कहा, सावन का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का दिन माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव आराधना जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इस बार प्रथम सोमवार को कोयलांचल के सभी शिवालयों में जिस प्रकार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, वह सनातन संस्कृति के प्रति लोगों की अटूट आस्था का प्रमाण है।

कटघोरा निवासी सीमा साहू ने कहा, सावन के पहले सोमवार पर कनकेश्वर धाम में दर्शन कर मन को अद्भुत शांति मिली। यहां की व्यवस्था और महाप्रसाद की सेवा वास्तव में सराहनीय है।

बालको निवासी संगीता पटेल ने कहा, हर साल की तरह इस बार भी पूरे परिवार के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं का उत्साह और सेवा का भाव देखने लायक था।

कुंवारी श्रद्धालु नेहा गुप्ता ने कहा, मैंने भगवान शिव से उज्ज्वल भविष्य और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। सावन के पहले सोमवार का आध्यात्मिक वातावरण जीवनभर याद रहेगा।

दिनभर कोयलांचल के शिवालयों में पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और महाप्रसाद का सिलसिला चलता रहा। शाम की महाआरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सावन के प्रथम सोमवार पर उमड़ी आस्था ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कोरबा और आसपास का कोयलांचल भगवान भोलेनाथ की भक्ति में पूरी तरह रमा हुआ है।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी