एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली : दीपक बैज

 

रायपुर, 27 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।

उन्होंने दावा किया कि, देशभर से 10 लाख से अधिक लोग रैली में पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे।

दीपक बैज ने बताया कि, छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रेन, बस, हवाई मार्ग और निजी वाहनों से दिल्ली रवाना होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की रैली में भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को निरस्त करने और काटे गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग पूरी होने तक चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि, देश में कथित वोट चोरी के लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संरक्षण में कथित तौर पर लोकतंत्र के खिलाफ काम किया है।

बैज ने आरोप लगाया कि, भाजपा ने राष्ट्रवाद और घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर देशभर में चुनिंदा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाए। उनके अनुसार, एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची का शुद्धिकरण करने के बजाय गैर-भाजपा समर्थक मतदाताओं के नाम हटाना था। उन्होंने दावा किया कि तकनीकी माध्यमों और प्रिंटर के जरिए लक्षित तरीके से मतदाताओं के नाम काटे गए। कांग्रेस अध्यक्ष ने मतदाता सूची से कथित तौर पर 13 करोड़ नाम हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

दीपक बैज ने कहा कि, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोप अब सही साबित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की टिप्पणियों से एसआईआर की प्रक्रिया में खामियां सामने आई हैं। बैज के मुताबिक, राहुल गांधी ने 15 महीने से भी पहले वोट चोरी का मुद्दा उठाया था और अब सामने आ रहे तथ्यों से उनके आरोपों को बल मिला है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि, पिछले 10 महीनों के दौरान एसआईआर प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी ने 14 मौकों पर लिखित आपत्तियां दर्ज कीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां और आपत्तियां चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में मौजूद हैं।

किनार कर मुख्य चुनाव आयुक्त ने मनमाने तरीके से काम किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के मामले में निष्पक्षता और पारदर्शिता जरूरी है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशभर में आंदोलन जारी रखेगी और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।

उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली के माध्यम से कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच और मतदाताओं के अधिकारों की बहाली की मांग को मजबूती से उठाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर