बलरामपुर : खेती बचाओ अभियान में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को किया गया प्रेरित
बलरामपुर, 06 जून (हि.स.)। किसानों को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भेलवाडीह में आज ‘खेती बचाओ अभियान’ का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों और ग्रामीणों को खेतों की उर्वरता संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण तथा वृक्षारोपण की शपथ दिलाई गई। साथ ही ग्राम पंचायत परिसर में फलदार पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. इंद्रपाल सिंह पैकरा ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग से खेतों की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इससे न केवल मिट्टी की गुणवत्ता घट रही है, बल्कि कृषि उत्पादों और जल स्रोतों पर भी असर पड़ रहा है।उन्होंने किसानों को हरी खाद, नील हरित शैवाल, अजोला, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, गोबर खाद, केंचुआ खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी तथा प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वैज्ञानिक डॉ. अमीना अनीशा एक्का ने कहा कि पर्यावरण संतुलन और जलवायु संरक्षण के लिए घरों और खेतों के आसपास उपलब्ध खाली भूमि पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से पौधों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों और ग्रामीणों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए अन्य किसानों को भी पर्यावरण अनुकूल कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय