अम्बिकापुर : सैनिक स्कूल के 18वें स्थापना दिवस पर गूंजा राष्ट्रसेवा का संकल्प, कैडेट्स के नवाचार और प्रतिभा ने मोहा मन
अम्बिकापुर, 01 सितंबर (हि.स.)। सरगुजा जिले में सैनिक स्कूल अम्बिकापुर ने अपने गौरवशाली 18 वर्ष पूरे होने का उत्सव अत्यंत गरिमामय, ऊर्जावान और भव्य वातावरण में मनाया। इस विशेष अवसर पर आयोजित 18वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा, कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग व जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि को दिए गए औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’, पुष्पगुच्छ भेंट, दीप प्रज्ज्वलन और स्थापना दिवस के प्रतीक केक काटकर किया गया। विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की विस्तृत वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की अकादमिक, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम क्षेत्रों में दर्ज की गई विशिष्ट उपलब्धियों का खाका खींचा।
कार्यक्रम के दौरान कैडेटों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, मूक अभिनय, देशभक्ति समूहगान और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन-आदर्शों पर केंद्रित प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की सत्र 2025-26 की वार्षिक पत्रिका का विमोचन हुआ। साथ ही, संस्कृत शिक्षक सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा तैयार किए गए अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन कर उसकी तकनीकी उपयोगिता की भरपूर प्रशंसा की।
प्रतिभा और निष्ठा के सम्मान क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हाउस और कैडेट्स को पुरस्कृत किया गया। सह-पाठ्यक्रम एवं खेलकूद दोनों ही क्षेत्रों में कटारी हाउस और अरिहंत हाउस ने संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का खिताब जीता, जबकि शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए अर्जुन सिंह हाउस और तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस की ट्रॉफी सौंपी गई। इसके अतिरिक्त, संस्थान की प्रगति में योगदान देने वाले अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को कमेंडेशन (प्रशस्ति पत्र) देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि राजेश अग्रवाल ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि सैनिक स्कूल विद्यार्थियों के भीतर अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की सुदृढ़ नींव रखने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवनशैली बनाकर राष्ट्र निर्माण में जिम्मेदार भूमिका निभाने का संदेश दिया। अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह संपन्न हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह