लू का बढ़ता खतरा, जिला अस्पताल में रोज पहुंच रहे 15-20 डिहाइड्रेशन मरीज

 


अलग हीटवेव वार्ड नहीं, बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा दबाव

धमतरी, 24 मई (हि.स.)। जिले में भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के साथ ही जिला अस्पताल में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना करीब 15 से 20 मरीज उल्टी, दस्त, चक्कर और तेज बुखार जैसी शिकायतों के साथ उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच जिला अस्पताल में अब तक लू (हीट स्ट्रोक) मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव महसूस किया जा रहा है।

अस्पताल में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गर्मी जनित बीमारियों से प्रभावित होकर पहुंच रहे हैं। शरीर में पानी की कमी के कारण कई मरीजों की हालत गंभीर हो रही है, जिन्हें आईपीडी में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। वहीं सामान्य लक्षण वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जरूरी सलाह देकर घर भेजा जा रहा है। शिशु वार्ड में दस्त से पीड़ित पांच बच्चों का उपचार जारी है, जबकि बुखार और उल्टी की शिकायत वाले दो बच्चे भी भर्ती हैं। अस्पताल परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था तो है, लेकिन कई स्थानों पर ठंडे पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है।

भीषण गर्मी के चलते मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार टोंडर ने बताया कि गर्मी और लू से प्रभावित मरीजों के लिए सभी वार्डों में दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार मिल सके। ओपीडी और प्रसूति वार्ड में वाटर डिस्पेंसर लगाए गए हैं तथा अस्पताल परिसर में दो वाटर कूलर भी चालू हैं। हालांकि जिला अस्पताल में अब तक लू का कोई गंभीर मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए आने वाले दिनों में हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में अस्पताल में अलग हीटवेव वार्ड, ठंडा वातावरण, कूलिंग सुविधा और स्पष्ट इमरजेंसी प्रोटोकॉल की कमी चिंता का विषय बनी हुई है।

गर्मी में बरतें सावधानी

डॉ. टोंडर ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर निकलने से पहले भरपूर पानी पिएं और खाली पेट घर से न निकलें। शरीर को पूरी तरह ढककर रखें तथा पानी की बोतल हमेशा साथ रखें। उन्होंने तैलीय, मसालेदार भोजन से परहेज करने और हल्का व सादा भोजन लेने की सलाह दी। शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए तरबूज, खीरा और अन्य रसीले फलों का सेवन करने की भी अपील की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा