इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में विद्युत आपूर्ति सामान्य करना बड़ी चुनौती

 


जगदलपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर जिले में भारी बारिश और बाढ़ के चलते विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिले के लगभग 148 गांवों में बिजली सेवा बाधित हुई थी, हालांकि विद्युत विभाग की टीम ने लगातार प्रयास कर अधिकांश प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है। वहीं इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में अब भी कई गांवों और पारा-मोहल्लों में विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने का काम चुनौती बना हुआ है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत विभाग के कर्मचारी मुश्किल परिस्थितियों के बीच बिजली बहाली में जुटे हुए हैं। कहीं कर्मचारी भरे पानी में उतरकर रस्सी की मदद से बिजली के पोल को सीधा कर रहे हैं, तो कहीं नाव के जरिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचकर विद्युत लाइन और उपकरणों को दुरुस्त किया जा रहा है। आपदा के करीब एक सप्ताह बाद भी इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बसे एक दर्जन से अधिक गांवों के कई पारा-मोहल्लों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है। विभाग के सामने इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य करने की चुनौती बनी हुई है।

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार नदी किनारे के इलाकों में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई स्थानों पर मकानों के ढहने से विद्युत लाइन भी प्रभावित हुई है। इसके चलते लाइन को दोबारा स्थापित करने में परेशानी आ रही है। नदी तटीय इलाकों में अब भी पानी भरा होने के कारण बिजली बहाली का काम आसान नहीं है। पानी, कीचड़ और दलदल की वजह से नए विद्युत खंभों और अन्य सामग्री को प्रभावित स्थानों तक पहुंचाने में कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर लोहंडीगुड़ा, बकावंड और नगरनार क्षेत्र के गांवों में देखने को मिला है। इन इलाकों के कई गांवों और पारा-मोहल्लों में विद्युत व्यवस्था बहाल करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। विभाग की टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य करने का प्रयास जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे